बुलेट ट्रेन से बदलेगा बिहार का सफर, जानिए किन-किन शहरों से होकर गुजरेगा रूट
बिहार के रेल यात्रियों और व्यापारिक गलियारों के लिए एक ऐतिहासिक और युगांतरकारी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने देश में अत्याधुनिक रेल नेटवर्क का विस्तार करते हुए दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) कॉरिडोर को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रस्तावित किया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस नए हाई-स्पीड रूट के तैयार होने के बाद वाराणसी से पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक की दूरी महज 2 घंटे 55 मिनट में तय करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। इस परियोजना के शुरू होने से बिहार की कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार पश्चिम बंगाल से सुपरफास्ट गति से जुड़ जाएगी।
बिहार के इन प्रमुख शहरों से गुजरेगा बुलेट ट्रेन नेटवर्क
प्रारंभिक परियोजना रूपरेखा के मुताबिक, यह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों और व्यापारिक केंद्रों को जोड़ेगा। प्रस्तावित रूट के तहत बक्सर, आरा, राजधानी पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज जैसे शहरों को नेटवर्क में शामिल करने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्टेशनों की अंतिम लोकेशन और रूट का सटीक निर्धारण डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और जमीनी स्तर पर होने वाले विस्तृत तकनीकी सर्वे के बाद ही अंतिम रूप से तय किया जाएगा।
320 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार, मिनटों में तय होगी सैकड़ों किमी की दूरी
इस आधुनिक हाई स्पीड रेल नेटवर्क पर ट्रेनों का संचालन लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड पर करने की योजना बनाई गई है। रेल मंत्रालय द्वारा साझा किए गए टाइम-फ्रेम के अनुसार, दिल्ली से वाराणसी के बीच का सफर लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरा होगा, वहीं वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर वाराणसी से सिलीगुड़ी की यात्रा करीब 2 घंटे 55 मिनट में समेटने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली से पटना महज 4 घंटे 41 मिनट में: रेल मंत्री का विजन
राजधानी दिल्ली और पटना के बीच यात्रा के समय में क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। रेल मंत्री ने जून 2026 में स्पष्ट किया था कि इस समग्र हाई-स्पीड नेटवर्क के पूरा होने के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बिहार की राजधानी पटना तक का सफर मात्र 4 घंटे 41 मिनट में पूरा करने की ठोस परिकल्पना तैयार की गई है। वर्तमान में राजधानी और तेजस जैसी प्रीमियर ट्रेनों में भी इस रूट पर 11 से 12 घंटे का समय लगता है, ऐसे में यह कॉरिडोर समय की भारी बचत कराएगा। फिलहाल प्रोजेक्ट की तकनीकी जांच, एलाइनमेंट और डीपीआर से जुड़ी प्रक्रियाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं।