बिहार में IMD ने जारी किया बारिश और वज्रपात का अलर्ट: गया, नवादा और जमुई में झमाझम बरसेंगे बदरा
बिहार में एक बार फिर से मॉनसूनी गतिविधियां काफी तेजी से सक्रिय हो चुकी हैं, जिससे सूबे के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और पटना स्थित meteorological केंद्र ने राज्य के कई जिलों के लिए नया और सख्त मौसमी पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के मुताबिक राजधानी पटना समेत दक्षिण और उत्तर बिहार के बड़े हिस्से में बादलों का डेरा डल चुका है। खास तौर पर दक्षिण बिहार के कुछ चुनिंदा जिलों में मेघगर्जन, तेज आंधी और वज्रपात यानी ठनक का भारी खतरा मंडरा रहा है, जिसे लेकर प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। आम जनजीवन को किसी भी अनहोनी से बचाने के लिए मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है और सुरक्षात्मक उपायों का पालन करने की बात कही है।
दक्षिण बिहार पर मेहरबान मानसून और चक्रवाती परिसंचरण का असर
बिहार के दक्षिणी छोर पर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और ट्रफ लाइन के गुजरने की वजह से मौसम का मिजाज पूरी तरह से पलट गया है। इस सिस्टम का सीधा प्रभाव झारखंड और उससे सटे दक्षिण बिहार के इलाकों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से राज्य के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पटना समेत लगभग 20 से अधिक जिलों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी चिपचिपती गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसूनी दौर अभी कुछ दिनों तक और अपनी रफ्तार बनाए रखेगा, जिससे खेतों में नमी बनी हुई है और धान की फसल को भी इसका फायदा मिल रहा है।
गया, नवादा और जमुई में झमाझम बरसेंगे बदरा और वज्रपात का येलो अलर्ट
आईएमडी के लेटेस्ट वेदर बुलेटिन के अनुसार खासकर तीन प्रमुख जिलों—गयाजी, नवादा और जमुई में बादलों की लुकाछिपी के बीच भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है। इन इलाकों में दोपहर या शाम के वक्त झमाझम बौछारें पड़ने और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने के पूरे आसार हैं। बारिश के साथ-साथ आसमान में काले बादलों की गडगड़ाहट और वज्रपात की घटनाएं भी आम हो सकती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों, ग्रामीण इलाकों के मजदूरों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या कमजोर छप्परों के पास शरण बिल्कुल न लें और वज्रपात से बचने के लिए मोबाइल फोन में दामिनी ऐप जैसी आधुनिक सेवाओं का इस्तेमाल करें।
पटना समेत 31 जिलों में बदला मौसम का मिजाज और तापमान में गिरावट
केवल गया, नवादा और जमुई ही नहीं बल्कि राजधानी पटना सहित बिहार के करीब 31 जिलों में बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर फुहारें पड़ने का सिलसिला जारी है। पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, नालंदा, औरंगाबाद, रोहतास और भोजपुर समेत कई अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही मानसूनी गतिविधियों के कारण हवा में नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है और कई जगहों पर आंशिक जलजमाव की स्थिति भी उत्पन्न हुई है, जिससे नगर निकायों को सतर्क किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में छिटपुट बारिश का यह दौर यूं ही बना रहेगा और तापमान सामान्य के आसपास या उससे नीचे ही दर्ज किया जाएगा, जिससे कुल मिलाकर सुहावना मौसम बना रहेगा।