बुढ़ापे में नहीं होगी पैसों की किल्लत! APY, NPS या EPS, जानिए आपके लिए कौन सी पेंशन स्कीम है बेस्ट
प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले या अपना खुद का रोजगार करने वाले लोगों को अक्सर अपने रिटायरमेंट की चिंता सताती है। हर कोई चाहता है कि नौकरी खत्म होने के बाद भी हर महीने बैंक खाते में एक फिक्स इनकम आती रहे ताकि बुढ़ापा आराम से कटे।
अगर आप भी भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं, तो भारत सरकार और संबंधित संस्थाओं द्वारा चलाई जा रही तीन प्रमुख योजनाओं— अटल पेंशन योजना (APY), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि इनमें से कौन सी स्कीम आपकी जरूरतों के हिसाब से बिल्कुल फिट बैठेगी।
अटल पेंशन योजना (APY): कम निवेश में गारंटीड रिटर्न
यह योजना विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं या जिनकी आय कम है। 18 से 40 वर्ष की आयु का कोई भी भारतीय नागरिक इसमें निवेश शुरू कर सकता है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर आपको आपके निवेश के आधार पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की गारंटीड मासिक पेंशन मिलती है। अगर खाताधारक की मृत्यु हो जाती है, तो यही पेंशन उनके जीवनसाथी (पति/पत्नी) को मिलने लगती है। दोनों के निधन की स्थिति में नॉमिनी को पूरी जमा राशि एक साथ लौटा दी जाती है।
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS): बड़ा कॉर्पस और टैक्स बेनिफिट
अगर आप नौकरीपेशा (सरकारी या प्राइवेट) हैं या फिर आम नागरिक हैं जो बुढ़ापे के लिए अपनी मर्जी से एक बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं, तो NPS आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। 18 से 70 साल की उम्र का कोई भी व्यक्ति इसका हिस्सा बन सकता है।
चूंकि एनपीएस का पैसा मार्केट (इक्विटी और डेब्ट) में निवेश किया जाता है, इसलिए इसमें लंबी अवधि में शानदार रिटर्न मिलने की उम्मीद रहती है। इसका एक और बड़ा फायदा यह है कि 60 साल की उम्र पूरी होने पर आप कुल जमा राशि का 60% हिस्सा बिल्कुल टैक्स-फ्री (कर मुक्त) निकाल सकते हैं और बाकी रकम से आपको हर महीने पेंशन मिलती है।
एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS): पीएफ खाताधारकों के लिए वरदान
यह स्कीम खास तौर पर संगठित क्षेत्र (ऑर्गनाइज़्ड सेक्टर) में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए है और इसे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा मैनेज किया जाता है। अगर आपका पीएफ कटता है, तो आप बाय-डिफॉल्ट इस योजना का हिस्सा हैं। इसमें कर्मचारी को अपनी तरफ से कोई अलग पैसा नहीं देना होता है। दरअसल, कंपनी (एम्प्लॉयर) आपके बेसिक वेतन का जो 12% पीएफ में डालती है, उसी में से 8.33% हिस्सा सीधे आपके EPS खाते में चला जाता है। रिटायरमेंट के बाद यह आपको आजीवन मासिक पेंशन देता है। इसके अलावा इसमें परिवार के लिए विकलांगता, विधवा और अनाथ पेंशन की सुविधा भी शामिल है।
आपके लिए कौन सी स्कीम है सबसे सही?
हालाँकि इन तीनों योजनाओं का मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, लेकिन इनके लाभार्थी अलग-अलग हैं। अगर आप कम मासिक किस्त में निश्चित पेंशन चाहते हैं, तो APY चुनें। अगर आप शेयर बाजार के फायदे के साथ अपनी मर्जी से निवेश घटाना-बढ़ाना चाहते हैं, तो NPS सबसे आधुनिक और एआई-रिकमेंडेड (Generative AI) विकल्प है। वहीं, EPS सिर्फ पीएफ खाताधारकों के लिए है। किसी भी स्कीम में निवेश शुरू करने से पहले अपनी वर्तमान आयु, वित्तीय स्थिति और भविष्य की जरूरतों का आकलन जरूर करें।