भीलवाड़ा में 14 पार्षदों का बहुमत फिर भी फंसी कांग्रेस! रेखा हिरण की बगावत से बदला पूरा खेल
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की गंगापुर नगर पालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सतह पर आ गई है। पार्टी के आधिकारिक निर्णय को धता बताकर निर्दलीय तौर पर चुनावी मैदान में डटे रहने पर प्रदेश महिला कांग्रेस ने कड़ा अनुशासनात्मक एक्शन लिया है।
अनुशासनहीनता और पार्टी गाइडलाइंस के खुले उल्लंघन के आरोप में भीलवाड़ा शहर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और वार्ड 23 से नवनिर्वाचित पार्षद रेखा हिरण को उनके पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह ने इस संदर्भ में औपचारिक निष्कासन आदेश जारी कर संगठन में कड़ा संदेश दिया है।
14 सीटों के स्पष्ट बहुमत के बावजूद फंसा अध्यक्ष पद का पेंच
गंगापुर नगर पालिका चुनाव 2026 के हालिया नतीजों में कांग्रेस ने 25 में से 14 वार्डों में शानदार जीत हासिल कर पूर्ण बहुमत प्राप्त किया था। स्पष्ट जनादेश के बाद संगठन ने अध्यक्ष पद के लिए प्रीति काकाणी को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया था। हालांकि, अध्यक्ष की कुर्सी संभालने की प्रबल दावेदारी जताते हुए रेखा हिरण ने बगावती तेवर अपनाए और बिना पार्टी की अनुमति के निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया। पार्टी पर्यवेक्षकों द्वारा नाम वापसी की तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब उन्होंने पर्चा वापस नहीं लिया, तो प्रदेश नेतृत्व को निष्कासन का यह कठोर कदम उठाना पड़ा।
सोशल मीडिया पर छलका दर्द: 'निष्ठावान कार्यकर्ता को मिला उपेक्षा का इनाम'
संगठनात्मक कार्रवाई से पूर्व रेखा हिरण ने सोशल मीडिया के जरिए पार्टी नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने पीड़ा जाहिर करते हुए लिखा कि उन्होंने वर्षों तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी से संगठन की सेवा की, लेकिन इनाम के तौर पर पहले उन्हें पार्षद का टिकट तक नहीं दिया जा रहा था। कड़ी मशक्कत के बाद टिकट लेकर जब उन्होंने जीत दर्ज की, तो अध्यक्ष पद के लिए लोकतांत्रिक रायशुमारी के बिना ही नाम पहले से तय कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी उपेक्षा के बीच कोई समर्पित कार्यकर्ता पार्टी के लिए क्यों पसीना बहाएगा। उन्होंने यह सनसनीखेज आरोप भी लगाया कि पूर्व में जिन नेताओं को निष्कासित करने की मांग उठी थी, आज उन्हें ही शीर्ष पद का उम्मीदवार बना दिया गया है।
प्रीति काकाणी, विंकल सिंघवी और रेखा हिरण के बीच त्रिकोणीय मुकाबला
रेखा हिरण द्वारा मैदान न छोड़ने के फैसले ने गंगापुर नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव को बेहद रोमांचक और हाई-प्रोफाइल बना दिया है। अब यहां सीधा मुकाबला न रहकर त्रिकोणीय चुनावी घमासान बन चुका है। मैदान में कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार प्रीति काकाणी, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी विंकल सिंघवी और कांग्रेस की बागी निर्दलीय रेखा हिरण एक-दूसरे को सीधी टक्कर दे रहे हैं।
सहाड़ा-गंगापुर में सियासी सरगर्मी, बागी पार्षदों पर टिकीं भाजपा की निगाहें
कांग्रेस खेमे में मचे इस भीषण घमासान को भांपते हुए भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी रणनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। भाजपा स्थानीय असंतुष्ट और बागी पार्षदों के रुख पर पैनी नजर बनाए हुए है। सहाड़ा-गंगापुर क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि 14 पार्षदों का स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस का अंदरूनी बिखराव पालिका बोर्ड बनाने के पूरे गणित को बिगाड़ सकता है। हालांकि, कांग्रेस संगठन के वरिष्ठ रणनीतिकारों का दावा है कि सभी 14 विजयी पार्षद पार्टी की आधिकारिक प्रत्याशी प्रीति काकाणी के साथ एकजुट हैं और गंगापुर में कांग्रेस का ही बोर्ड बनेगा।
शास्त्रीनगर में चुनावी रंजिश: पूर्व पार्षद कैलाश शर्मा पर जानलेवा हमला
एक तरफ जहां पालिका अध्यक्ष को लेकर राजनीतिक दांव-पेंच चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भीलवाड़ा के शास्त्रीनगर इलाके में निकाय चुनाव की रंजिश के चलते पूर्व पार्षद कैलाश शर्मा पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किए जाने की गंभीर घटना सामने आई है।
बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी के निर्दलीय चुनाव लड़ने की खुन्नस में अज्ञात उपद्रवियों ने उनके आवास पर अंधाधुंध पथराव किया, जिसमें वे गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। घायल पूर्व पार्षद को आनन-फानन में महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस कायराना हमले के विरोध में आक्रोशित समर्थकों ने देर रात कोतवाली थाने का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है।