Kota Mayor Election: अधिकारी को थप्पड़ मारकर चर्चा में आई थीं, अब बनेंगी मेयर? BJP ने अनुसुईया गोस्वामी पर खेला बड़ा दांव

Kota Mayor Election: अधिकारी को थप्पड़ मारकर चर्चा में आई थीं, अब बनेंगी मेयर? BJP ने अनुसुईया गोस्वामी पर खेला बड़ा दांव

राजस्थान के कोटा में नगर निगम मेयर चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ चुका है और उल्टी गिनती शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रणनीतिक बिसात पर अपने पत्ते खोलते हुए पार्टी की वरिष्ठ नेता, पूर्व प्रदेश मंत्री और नवनिर्वाचित पार्षद अनुसुईया गोस्वामी को मेयर पद का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद से ही उनका नाम इस शीर्ष पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहा था। संगठन के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, जमीनी पकड़ और मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई है।

जब अधिकारी को थप्पड़ मारकर पूरे प्रदेश की सुर्खियों में आई थीं

कोटा के राजनीतिक गलियारों में अनुसुईया गोस्वामी की पहचान एक बेहद आक्रामक और बेबाक जननेता के रूप में रही है। वर्षों पहले कोटा के केशवपुरा इलाके में जनता से जुड़ी गंभीर समस्याओं के समाधान को लेकर एक प्रशासनिक अधिकारी को थप्पड़ मारने की घटना के बाद वे पूरे राज्य में मीडिया की सुर्खियों में छा गई थीं। जनसमस्याओं पर त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों से सीधी टक्कर लेने और जमीनी स्तर पर जनता के हक में आवाज उठाने की उनकी यह छवि कार्यकर्ताओं के बीच हमेशा से चर्चा का विषय रही है।

संगठन में लंबा सफर: प्रदेश मंत्री से लेकर महिला मोर्चा अध्यक्ष तक का दायित्व

अनुसुईया गोस्वामी का भाजपा संगठन के साथ दशकों पुराना निष्ठावान नाता रहा है। वे राजस्थान भाजपा में प्रदेश मंत्री जैसी महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुकी हैं। इसके अलावा वे लंबे समय तक कोटा भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भी रहीं, जहां उन्होंने बूथ स्तर तक महिलाओं को पार्टी की मुख्यधारा से जोड़ने और संगठन के अभियानों को मजबूती से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई। उनका पूरा परिवार दशकों से जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक रीति-नीति से मजबूती से जुड़ा हुआ है।

हाड़ौती अंचल और शहर की राजनीति में मजबूत रसूख

कोटा शहर और हाड़ौती संभाग की राजनीति में उनके परिवार की मजबूत दखलअंदाजी मानी जाती है। पिछले कोटा नगर निगम बोर्ड में उनकी भाभी रेखा गोस्वामी पार्षद की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। वहीं उनके राजनीतिक व पारिवारिक रिश्तों की बात करें तो बूंदी के पूर्व विधायक अशोक डोगरा उनके समधी हैं, जिसकी वजह से पूरे हाड़ौती क्षेत्र के सियासी समीकरणों में उनका परिवार खासा प्रभाव और रसूख रखता है।

कांग्रेस के युवा चेहरे आयुष पारेता को 393 वोटों से दी मात

हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनाव में अनुसुईया गोस्वामी ने अपने वार्ड से बेहद प्रभावशाली जीत दर्ज कर अपनी ताकत दिखाई थी। इस कड़े मुकाबले में कांग्रेस ने उनके सामने युवा नेता आयुष पारेता को चुनावी मैदान में उतारा था। मतदान के बाद जब नतीजे आए तो अनुसुईया गोस्वामी ने 1551 वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी आयुष पारेता को 1158 वोटों पर ही रोक दिया। 393 मतों के निर्णायक अंतर से जीत दर्ज करने के साथ ही नगर निगम में उनके मेयर बनने की संभावनाओं को सबसे ज्यादा बल मिला था।

शिक्षा, संपत्ति और परिवार का पूरा लेखा-जोखा

चुनावी हलफनामे के मुताबिक, अनुसुईया गोस्वामी ने सेकेंडरी (10वीं) स्तर तक की औपचारिक शिक्षा प्राप्त की है। संपत्ति के ब्योरे की बात करें तो उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 1 करोड़ रुपये के आसपास है। पारिवारिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो उनके परिवार में चार संतानें—तीन बेटियां और एक बेटा हैं। संगठन के प्रति अटूट निष्ठा, प्रशासनिक हलकों में कड़क छवि और जनता के बीच गहरी पैठ के दम पर अब वे कोटा शहर के प्रथम नागरिक की कुर्सी संभालने की ओर अग्रसर हैं।