बाढ़ के पानी में मसीहा बने पप्पू यादव: पूर्णिया से लेकर कटिहार, पटना तक राहत सामग्री
बिहार के कई जिलों में कुदरत का कहर बनकर टूटी बाढ़ के बीच राजनीति और जनसेवा का एक अनूठा नजारा देखने को मिल रहा है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव एक बार फिर आपदा की इस घड़ी में जमीन पर उतरकर बाढ़ पीड़ितों के लिए 'रॉबिनहुड' साबित हो रहे हैं। कटिहार से लेकर पटना, जहानाबाद और राघोपुर तक वे लगातार पानी से घिरे इलाकों का दौरा कर रहे हैं और पीड़ित परिवारों को न केवल ढांढस बंधा रहे हैं, बल्कि अपने तीखे तेवर और मदद के अनूठे अंदाज से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस और एसईओ के मानकों के अनुरूप आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट।
कटिहार और मनिहारी में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सांसद
बिहार के सीमांचल और तटीय इलाकों में गंगा, कोसी और महानंदा जैसी नदियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। ऐसे में कटिहार जिले के अहमदाबाद, मनिहारी और कुरसेला जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सांसद पप्पू यादव ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के साथ लगातार दौरे किए। जलभराव से जूझ रहे गांवों और झोपड़ियों में पहुंचकर उन्होंने सीधे आम जनता से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को नकद आर्थिक सहायता के रूप में पांच-पांच सौ रुपये बांटे तथा जरूरत पड़ने पर अपनी गाड़ी के गेट पर खड़े होकर भी लोगों को राहत पहुंचाई। उनके इस अंदाज को देखकर स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और हर कोई संकट की इस बेला में उनके साथ नजर आया।
सरकार और अधिकारियों पर फूटा गुस्सा, दिए तीखे बयान
राहत कार्यों का जायजा लेने के दौरान सांसद पप्पू यादव का गुस्सा प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी दावों पर फूट पड़ा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए यहां तक कह दिया कि आपदा के नाम पर केवल कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं जबकि जमीन पर पीड़ित बदहाल हैं। उन्होंने सरकार के राहत पैकेजों और सामुदायिक किचनों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को भरमाने के लिए केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पत्रकारों और समर्थकों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी आर्थिक मदद और संसाधनों का जिक्र करते हुए व्यवस्था के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। उनका यह आक्रामक और बेबाक अंदाज सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां उनके समर्थक इसे गरीबों के प्रति उनकी सच्ची प्रतिबद्धता मान रहे हैं, वहीं विरोधी राजनीतिक दलों की तरफ से भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पटना से जहानाबाद और राघोपुर तक चौतरफा सक्रियता
केवल सीमांचल तक सीमित न रहते हुए पप्पू यादव ने अपनी राहत यात्रा का दायरा पटना, हाजीपुर और जहानाबाद के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों तक फैला दिया है। वे लगातार नाव और ट्रैक्टरों के माध्यम से उन दूरदराज के इलाकों में पहुंच रहे हैं जहां सरकारी मदद पहुंचने में वक्त लग रहा है। हाल ही में राघोपुर और आसपास के इलाकों का दौरा करते हुए उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उनका दावा है कि वे पिछले कई दिनों से लगातार लाखों लोगों के बीच जाकर उनकी सुधि ले रहे हैं। आपदा प्रबंधन और पुनर्वास के मुद्दों पर उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि यदि प्रशासनिक व्यवस्था पारदर्शी नहीं हुई तो वे कानूनी और न्यायिक विकल्पों के जरिए भी जनता की लड़ाई लड़ेंगे।