एक और बड़ी कंपनी अडानी ग्रुप में शामिल होने जा रही है, यूपी और पश्चिम बंगाल में नए कॉन्ट्रैक्ट मिले
भारत और एशिया के सबसे अमीर बिज़नेसमैन गौतम अडानी अपने पोर्टफोलियो में एक और कंपनी जोड़ने की तैयारी में हैं। यह कंपनी स्मार्ट मीटर लगाने का काम करती है। 'I Squared Capital' ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी 'Polaris Smart Metering' को बेचने की प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू कर दिया है और इस डील के लिए 4-5 बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है। शॉर्टलिस्ट की गई कंपनियों में अडानी ग्रुप की कंपनी 'Adani Energy Solutions' भी शामिल है।
'The Economic Times' (ET) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'Adani Energy Solutions' के साथ-साथ 'Apraava Energy' और प्राइवेट इक्विटी फंड 'Actis' भी 'Polaris Smart Metering' को खरीदने की दौड़ में शामिल हैं। इन कंपनियों के लिए 'ड्यू डिलिजेंस' (जांच-पड़ताल) की प्रक्रिया चल रही है और अगस्त की शुरुआत तक फाइनल बाइंडिंग बोलियां मिलने की उम्मीद है। इस डील में 'Polaris Smart Metering' की वैल्यू लगभग ₹1,500 करोड़ हो सकती है।
I Squared Capital का निवेश और एग्जिट
'Polaris Smart Metering' घरों, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए स्मार्ट इलेक्ट्रिक और गैस मीटर उपलब्ध कराती है। फरवरी 2023 में, 'I Squared' ने अपने 'ISQ Growth Markets Infrastructure Fund' (ISQGMIF) के ज़रिए कंपनी में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने के लिए $100 मिलियन का निवेश किया था। अब वह इस निवेश से बाहर निकलना चाहती है।
'Adani Energy' और 'Apraava Energy' के प्रवक्ताओं ने इस डील पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि 'I Squared Capital' और 'Actis' को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।
Polaris को मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट
'Polaris Smart Metering' को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मीटर लगाने के कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। कंपनी के अनुसार, वह उत्तर प्रदेश में लखनऊ और अयोध्या क्लस्टर में 5.1 मिलियन (51 लाख) स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ने पश्चिम बंगाल में 2.2 मिलियन (22 लाख) स्मार्ट मीटर लगाने का कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किया है।
भारत में ₹1.35 लाख करोड़ का निवेश लक्ष्य
भारत सरकार ने 2027 तक पूरे देश में 25 करोड़ प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है। इस पहल के लिए लगभग ₹1.35 लाख करोड़ के निवेश की ज़रूरत है। पिछले साल 'केयरएज' (CareEdge) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल अभी सिर्फ़ 5-6 प्रतिशत है। यह आंकड़ा जापान (100%) और अमेरिका (73%) जैसे विकसित देशों की तुलना में काफ़ी कम है और 43 प्रतिशत के वैश्विक औसत से भी बहुत नीचे है।
दूसरी कंपनियों की बाज़ार में स्थिति
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने पहले स्मार्ट मीटरिंग कंपनी 'इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर' (IntelliSmart Infrastructure) को ₹3,050 करोड़ में खरीदा था। यह कंपनी देश की टॉप तीन स्मार्ट मीटरिंग कंपनियों में से एक है, जिसने उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम में 2.2 करोड़ मीटर लगाए हैं। वहीं, यूके की फंड कंपनी 'एक्टिस' (Actis) ने पिछले साल 'EDF इंडिया' के साथ एक जॉइंट वेंचर शुरू किया था।