शेयर बाजार में मचा भयंकर हाहाकार, एनएसई पर 2000 से अधिक शेयरों में भारी गिरावट

शेयर बाजार में मचा भयंकर हाहाकार, एनएसई पर 2000 से अधिक शेयरों में भारी गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत के साथ ही ऐसा जोरदार भूचाल आया कि निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। दलाल स्ट्रीट पर चारों तरफ लाल निशान और हाहाकार का माहौल है, जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी धड़ाम होकर नीचे आ गिरे हैं। आलम यह है कि एनएसई पर 2,000 से अधिक शेयरों में एक साथ भारी बिकवाली देखने को मिली है, जिससे निवेशकों की गाढ़ी कमाई पलक झपकते ही स्वाहा हो गई। बाजार में मची इस अचानक तबाही और बिकवाली के दौर ने छोटे रिटेल निवेशकों से लेकर बड़े-बड़े दिग्गजों को भी हैरान कर दिया है। हर कोई यह जानने के लिए बेताब है कि आखिर अचानक भारतीय शेयर बाजार में यह बड़ा क्रैश क्यों आया और इसके पीछे कौन-कौन से मुख्य कारण जिम्मेदार हैं। आइए इस विशेष बाजार रिपोर्ट में गहराई से जानते हैं कि इस गिरावट के पीछे की इनसाइड स्टोरी क्या है और ग्लोबल संकेतों का बाजार पर कितना असर पड़ा है।

शेयर बाजार में खुलते ही मचा कोहराम, सेंसेक्स-निफ्टी में आई भारी सुस्ती

गुरुवार को जैसे ही शेयर बाजार में घंटियां बजीं, वैसे ही बिकवाली का ऐसा दबाव बना कि बाजार संभलने का मौका ही नहीं पा सका। सेंसेक्स खुलते ही सैकड़ों अंकों की भारी गिरावट के साथ लाल निशान में फिसल गया, वहीं निफ्टी भी अपने अहम सपोर्ट स्तरों को तोड़ते हुए नीचे लुढ़क गया। बाजार के जानकारों के मुताबिक, शुरुआती कुछ ही मिनटों के कारोबार के दौरान निवेशकों की संपदा में भारी कमी दर्ज की गई। लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी चौतरफा बिकवाली का दौर देखने को मिला। बाजार के इस आक्रामक रुख को देखकर ऐसा लग रहा है कि मंदड़िए (Bears) पूरी तरह से हावी हो चुके हैं और वे किसी भी हाल में खरीदारी का मौका खरीदारों को नहीं दे रहे हैं।

एनएसई पर 2,000 से ज्यादा शेयरों में गिरावट, लाल निशान में डूबे दिग्गज शेयर्स

आज के इस जबरदस्त कारोबारी सत्र के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्टेड 2,000 से अधिक शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते हुए नजर आए। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो और आईटी सेक्टर के प्रमुख शेयरों में जबरदस्त बिकवाली का दबाव देखा गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक जैसे दिग्गजों के शेयर भी भारी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। शेयरों के लगातार टूटने से निवेशकों के पोर्टफोलियो में भारी सेंध लगी है। विश्लेषकों का मानना है कि जब बाजार में एकतरफाि बिकवाली शुरू होती है, तो अच्छे और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर भी बिकवाली के इस दबाव से बच नहीं पाते हैं, और आज का दिन कुछ ऐसा ही मंजर लेकर आया है।

शेयर बाजार क्रैश होने के पीछे क्या हैं मुख्य कारण? ग्लोबल संकेतों ने बढ़ाई टेंशन

भारतीय शेयर बाजार में आई इस अचानक भारी गिरावट के पीछे कई बड़े घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारक जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण वैश्विक बाजारों से मिले सुस्त और नकारात्मक संकेत हैं, जहां अमेरिकी बाजारों में कमजोरी का रुख देखा गया था। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। इसके साथ ही, विनियामक बदलावों और स्थानीय आर्थिक आंकड़ों ने भी बाजार की चाल को धीमा करने का काम किया है।

मौजूदा बाजार की स्थिति में निवेशकों को क्या बरतनी चाहिए सावधानी?

शेयर बाजार में जब भी इस तरह का बड़ा करेक्शन या क्रैश आता है, तो रिटेल निवेशकों के बीच घबराहट फैलना स्वाभाविक है। हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों और मार्केट एक्सपर्ट्स का हमेशा यही मानना है कि ऐसे उतार-चढ़ाव बाजार का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं। निवेशकों को बिना किसी पैनिक के अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और केवल मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ही भरोसा रखना चाहिए। यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो बाजार की इस गिरावट को चुनिंदा और बेहतरीन शेयरों को निचली कीमतों पर एक्युमुलेट करने के अवसर के रूप में भी देख सकते हैं। बहरहाल, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यह जरूरी है कि आप किसी भी नए निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।