सावधान! पेंशन का पूरा फायदा चाहिए तो पूरी करनी होगी ये 5 साल की बड़ी शर्त, जानिए क्या बदला नियम
कर्मचारियों और नौकरीपेशा वर्ग के लिए सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर एक बड़ा और राहत भरा कदम सामने आया है। सरकार ने ईपीएफ (EPF) वेज सीलिंग की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 25,000 रुपये कर दिया है।
इस दूरगामी फैसले से न सिर्फ कामगारों की रिटायरमेंट बचत और मासिक पेंशन में जबरदस्त इजाफा होगा, बल्कि कर्मचारियों को मिलने वाला एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (EDLI) का दायरा भी 7 लाख रुपये से बढ़कर 10.50 लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकता है।
हालांकि, इंश्योरेंस की इस बढ़ी हुई राशि की अंतिम पुष्टि सरकार की ओर से आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी, जबकि मौजूदा नियमों के तहत खाताधारकों को 7.50 लाख रुपये तक का अधिकतम लाइफ इंश्योरेंस कवर मिलता रहा है।
EDLI इंश्योरेंस कवर में भारी उछाल, जानिए कितनी बढ़ेगी रकम
चूंकि EDLI योजना के तहत मिलने वाली बीमा राशि का गणित मूल रूप से 15,000 रुपये की सैलरी लिमिट के आधार पर आंका जाता है, इसलिए वेज सीलिंग को बढ़ाकर 25,000 रुपये किए जाने से इंश्योरेंस कवर में भारी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। मौजूदा EDLI नियमों के अनुसार, सेवाकाल के दौरान किसी ईपीएफ अंशधारक की असमय मृत्यु होने पर उसके आश्रित नॉमिनी को न्यूनतम 2.5 लाख रुपये और अधिकतम 7 लाख रुपये तक की बीमा सहायता दी जाती है। अब वेतन सीमा 25,000 रुपये होने के बाद अधिकतम बीमा राशि बढ़कर 10.50 लाख रुपये या उससे भी आगे निकल सकती है। ईवाई इंडिया (EY India) के टैक्स व पीपल एडवाइजरी सर्विसेज पार्टनर पुनीत गुप्ता का कहना है कि वेतन सीमा में बढ़ोतरी से कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स और समग्र सामाजिक सुरक्षा का दायरा काफी व्यापक हो जाएगा।
EDLI 2026 स्कीम नोटिफिकेशन और अंतिम नियमों का इंतजार
EDLI 2026 स्कीम के मौजूदा नोटिफिकेशन के मुताबिक, बीमा गणना के लिए ईपीएफ सीलिंग 1,75,000 रुपये निर्धारित है। यदि सरकार वेतन सीमा बढ़ाने के साथ-साथ इस गणना फार्मूले में भी तकनीकी बदलाव करती है, तो कर्मचारियों को मिलने वाला लाभ 10.50 लाख रुपये से भी अधिक का हो सकता है। बाजार विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ये सभी आकलन प्रस्तावित गणित पर आधारित हैं और EDLI के वास्तविक लाभ का सटीक खाका तभी साफ होगा जब श्रम मंत्रालय नए नियमों की आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा।
मासिक पेंशन में 67% की बड़ी बढ़ोतरी, लेकिन 5 साल की ये शर्त जरूरी
सैलरी सीलिंग में इस ऐतिहासिक संशोधन से दायरे में आने वाले कर्मचारियों की कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत मिलने वाली पेंशन में 67 प्रतिशत तक का भारी उछाल आ सकता है। हालांकि, पेंशन के इस पूरे लाभ को पाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें भी जुड़ी हुई हैं। नए नियम प्रभावी होने के बाद कर्मचारियों को 25,000 रुपये की नई वेतन सीमा के अंतर्गत कम से कम 5 साल की सक्रिय सेवा पूरी करनी होगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कोई कर्मचारी नई लिमिट लागू होने के बाद 5 साल का कार्यकाल पूरा किए बिना सेवानिवृत्त हो जाता है, तो उसकी पेंशन गणना के लिए औसत वेतन 25,000 रुपये न मानकर आनुपातिक रूप से कम आंका जाएगा। कर्मचारी इस नई सैलरी लिमिट के तहत जितने ज्यादा साल सेवा में रहेंगे (अधिकतम 5 वर्ष तक), उनकी पेंशन उतनी ही ज्यादा बनेगी, यानी 67% की पूरी पेंशन वृद्धि का लाभ 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वालों को ही मिलेगा।