इन तरीकों से किया जा सकता है कोरोना के मरीजों का इलाज, जानें

कोविड-19 संकट को लेकर पूरे विश्व में अभी भी डर की स्थिति बनी हुई है।

कोविड-19 संकट को लेकर पूरे विश्व में अभी भी डर की स्थिति बनी हुई है। कोरोना के अधिक मामलों में अमेरिका (80 मिलियन से ज्यादा) पहले तो भारत (70 मिलियन से ज्यादा) दूसरे स्थान पर हैं। दोनों ही मुल्कों में लोग महामारी की वैक्सीन के लिए आस लगाए बैठे हैं।

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वहीं, कोविड-19 पर हो रहे प्रतिदिन नए-नए रिसर्चों से अलग-अलग तर्क निकलकर आ रहे हैं जिससे साइंटिस्टों की चिंता बढ़ रही है। ऐसे में कोविड-19 से बचने के उपचारिक विकल्प क्या है। आईये जानते हैं इनके बारे में…

ज्ञात करा दें कि यहां कोविड-19 के कुछ उपाचारिक विकल्पों को बताया जा रहा है जिससे वायरस से गंभीर रुप से पीड़ितों के जोखिमों को कम किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, स्टेरॉयड जैसे डेक्सामेथासोन की सहायता से कोरोना के गंभीर मरीजों में मौत की संभावना को कम किया जा सकता है (ये एक तरह का इलाज ही माना जाता है।), मगर वो कोरोना के हल्के लक्षणों वाले मरीजों के विपरीत हो सकते हैं। गौरतलब है कि अमेरिका में कोविड-19 के लिए अभी तक कोई सुगम इलाज की व्यवस्था नहीं की गई है।

कोविड-19 इमरजेंसी में और गंभीर रूप से पीड़ितों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। नए अध्ययनों के सामने आते ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने दिशा-निर्देशों के अंतर्गत विशेषज्ञों के एक पैनल को बुलाया है।

हॉस्पटिल में एडमिट मरीज, घर पर आइसोलेट रोगी और जिन्हें ऑक्सीजन की अधिक आवश्यकता नहीं हैं। ऐसे मरीजों को कोई विशिष्ट दवाओं की सिफारिश नहीं की गई है और न ही स्टेरॉयड के इस्तेमाल के लिए कोई चेतावनी जारी की गई। वहीं, जो लोग हॉस्पिटल में हैं और अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीज हैं, मगर सांस लेने के लिए मशीन पर निर्भर नहीं हैं, उनके लिए एंटीवायरल ड्रग रेमेडिविर IV के माध्यम से दी जाती है क्योंकि कुछ केसों में ये एक प्रकार से स्टेरॉयड भी है।

 

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