राज्यसभा में चीन मसले पर हुई चर्चा, कांग्रेस नेताओं ने कहा पार्टी पूरी तरह सेना के साथ

भारत-चीन सीमा विवाद के मसले पर गुरुवार को राज्‍यसभा में चर्चा हुई।

नई दिल्ली॥ भारत-चीन सीमा विवाद के मसले पर गुरुवार को राज्‍यसभा में चर्चा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ताजा हालात पर सदन में दिए बयान के बाद विपक्षी दलों के सांसदों ने अपनी बात रखी। इस दौरान कांग्रेस की ओर से पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी और गुलाम नबी आजाद ने पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता के मसले पर हम सभी एकजुट हैं।

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पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में पूरी तरह से सेना के साथ है। इस दौरान उन्होंने एक क्लेरीफिकेशन मांगा और कहा कि रक्षा मंत्री ने कहा कि संप्रुभता की रक्षा करने में अप्रैल से पहले की स्थिति फिर से स्थापित करना शामिल है। वहीं एंटनी ने एक सवाल भी किया कि क्या चीन हमारी सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक रही है।

जिस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि झगड़ा ही इसी को लेकर हुआ है। यह पारंपरिक है और अच्छी तरह परिभाषित भी। भारतीय सेना के जवानों को पेट्रोलिंग करने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। अगर हमारे जवानों ने बलिदान दिया है तो इसीलिए दिया है। इस पेट्रोलिंग पैटर्न में कोई परिवर्तन नहीं होगा, यह भरोसा देता हूं।’

हम बराबरी में कुर्बानी देने के लिए तैयार

इस दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलामनबी आजाद ने कहा कि देश की संप्रभुता के मसले पर सभी एकजुट हैं। हम सेना के साथ हर मौके पर खड़े हैं। अपने देश की सीमा की रक्षा में हम बराबरी में कुर्बानी देने के लिए भी तैयार हैं, और पहले देते भी रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी पार्टी की तरफ से कहूंगा कि हम चीन के मुद्दे पर सरकार के साथ खड़े हैं लेकिन अप्रैल 2020 से पहले की यथास्थिति बहाली के बिना कोई समझौता नहीं होना चाहिए।’

इस दौरान गुलामनबी आजाद ने आर्मी के साथ अपने कनेक्शन को भी बताया। उन्होंने कहा कि वो दो बार सियाचिन का दौरा कर चुके हैं। चुशूल में सैनिकों के साथ बोटिंग भी की है। आजाद ने बताया कि उन्होंने और राजीव गांधी ने चुशूल के बंकरों में रात भी गुजारी थी। हम सरकार के साथ खड़े हैं और हमें अप्रैल से पहले की स्थिति पर सीमा पर वापस जाना चाहिए। यही हमारा प्रयास होना चाहिए।

 

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