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Up kiran,Digital Desk : भारत और फ्रांस के बीच दोस्ती का रिश्ता अब फिल्मी पर्दों तक पहुंचने वाला है। अपने तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को मायानगरी मुंबई में बॉलीवुड के दिग्गज सितारों से मुलाकात की। इस दौरान कला, संस्कृति और वैश्विक सिनेमा को लेकर गंभीर चर्चा हुई। राष्ट्रपति मैक्रों का यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जहां वे भारतीय कलाकारों के साथ काफी सहज नजर आए।

अनिल कपूर और शबाना आजमी संग खास चर्चा

मुंबई में आयोजित इस विशेष मुलाकात के दौरान बॉलीवुड के 'झक्कास' एक्टर अनिल कपूर और दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। राष्ट्रपति मैक्रों को अनिल कपूर के साथ काफी देर तक गहन चर्चा करते हुए देखा गया। माना जा रहा है कि दोनों के बीच फ्रांस और भारत के फिल्म उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत हुई है।

जोया अख्तर से लेकर मनोज बाजपेयी तक रहे मौजूद

राष्ट्रपति मैक्रों से मिलने वालों में केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण और संगीत जगत की दिग्गज हस्तियां भी शामिल थीं:

मनोज बाजपेयी: अपनी संजीदा अदाकारी के लिए मशहूर मनोज बाजपेयी भी इस दौरान राष्ट्रपति से मिले।

जोया अख्तर: मशहूर निर्देशक जोया अख्तर ने सिनेमाई विजन पर चर्चा की।

ऋचा चड्ढा: अभिनेत्री ऋचा चड्ढा, जिनका फ्रांस के सिनेमाई जगत से पुराना नाता रहा है, वह भी इस मुलाकात का हिस्सा बनीं।

रिकी केज: ग्रैमी विनर म्यूजिक कंपोजर रिकी केज ने भारतीय संगीत की विविधता के बारे में मैक्रों को जानकारी दी।

क्या भारत और फ्रांस के बीच होगी फिल्म पार्टनरशिप?

फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति मैक्रों की यह मुलाकात महज औपचारिक नहीं थी। फ्रांस दुनिया भर के फिल्म मेकर्स को सब्सिडी और बेहतरीन लोकेशन्स प्रदान करता है। इस मुलाकात के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में भारत और फ्रांस के बीच फिल्म को-प्रोडक्शन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर बड़ी साझेदारी देखने को मिल सकती है।

जॉगिंग से लेकर पीएम मोदी संग बैठक तक: मैक्रों का मुंबई दौरा

राष्ट्रपति मैक्रों का यह दौरा काफी व्यस्त रहा है। मंगलवार सुबह उन्हें मुंबई की सड़कों पर जॉगिंग करते हुए भी देखा गया, जिसकी तस्वीरें चर्चा का विषय बनी रहीं। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया, जहाँ रक्षा, सुरक्षा और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।