19 साल बाद इमरान हाशमी की कल्ट फिल्म 'आवारापन' ने सिनेमाघरों से लेकर OTT पर मचाई सनसनी

19 साल बाद इमरान हाशमी की कल्ट फिल्म 'आवारापन' ने सिनेमाघरों से लेकर OTT पर मचाई सनसनी

भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी उन फिल्मों का जिक्र होता है जिन्होंने अपनी गहरी कहानी, शानदार संगीत और दमदार अभिनय के दम पर दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी, तो साल 2007 में रिलीज हुई इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन’ (Awarapan) का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। मोहित सूरी के निर्देशन में बनी और महेश भट्ट द्वारा निर्मित यह फिल्म अपने समय में बॉक्स ऑफिस पर भले ही औसत प्रदर्शन कर पाई हो, लेकिन समय के साथ इसने एक ऐसा कल्ट (Cult Classic) दर्जा हासिल कर लिया है जो बहुत कम फिल्मों को नसीब होता है। आज के इस डिजिटल और ओटीटी के दौर में जब पुरानी फिल्मों को दोबारा नए सिरे से देखने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, तब ‘आवारापन’ ने एक बार फिर से इंटरनेट और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर तहलका मचा दिया है। फिल्म के गाने, इसके संवाद और इमरान हाशमी का वह दर्द भरा और खामोश किरदार आज की युवा पीढ़ी के बीच भी उतना ही क्रेज पैदा कर रहा है जितना कि दो दशक पहले किया था। जैसे-जैसे इस फिल्म के रिलीज हुए 19 साल पूरे होने जा रहे हैं, वैसे-वैसे सोशल मीडिया पर इसे लेकर दीवानगी इस कदर बढ़ गई है कि ट्रेड एनालिस्ट्स से लेकर आम दर्शकों तक के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या यह फिल्म एक बार फिर से बड़े परदे यानी सिनेमाघरों में वापसी करने वाली है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करने के बाद उठी मांग, क्या थिएटर्स में दोबारा गूंजेंगे 'तेरा मेरा रिश्ता पुराना' जैसे सदाबहार गाने?

हाल ही में जब इस फिल्म को लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर नए सिरे से प्रमोट किया गया और स्ट्रीम किया गया, तो इसे देखने वालों की संख्या ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। डिजिटल दुनिया के एल्गोरिदम ने यह साबित कर दिया कि आज भी लोग हाई-ऑक्टेन एक्शन या सतही मसाला फिल्मों के बजाय एक ऐसी गहरी और इमोशनल कहानी देखना चाहते हैं जो सीधे दिल को छू जाए। फिल्म में इमरान हाशमी द्वारा निभाया गया 'शिवानी' और 'मुहम्मद' के बीच का वह द्वंद, जहां एक गैंगस्टर अपने गुनाहों का प्रायश्चित करने के लिए एक बेसहारा लड़की की जिंदगी बचाता है, दर्शकों की आंखें नम कर देता है। ओटीटी पर इस फिल्म को मिल रहे बंपर रिस्पांस को देखते हुए अब फिल्म के फैंस और डिस्ट्रीब्यूटर सर्कल्स में इस बात की जोरदार मांग उठने लगी है कि जिस तरह आजकल पुरानी हिट फिल्मों को री-रिलीज (Re-release) करने का ट्रेंड चल रहा है, उसी तर्ज पर ‘आवारापन’ को भी एक बार फिर से देश भर के सिनेमाघरों में बड़े परदे पर उतारा जाना चाहिए। यदि ऐसा होता है, तो सिनेमाघरों में एक बार फिर से प्रीतम का वह जादुई संगीत और 'तेरा मेरा रिश्ता पुराना' जैसे रूहानी गाने गूंज उठेंगे, जिन्हें सुनने के लिए आज के युवा भी बेताब रहते हैं।

इमरान हाशमी के करियर की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस और एक ऐसी कहानी जो समय की सीमाओं से परे है

जब भी इमरान हाशमी के फिल्मी सफर की सबसे शानदार फिल्मों की समीक्षा की जाती है, तो ‘आवारापन’ का नाम उनके अभिनय के शीर्ष रूप के रूप में लिया जाता है। एक तरफ जहां उन्हें उनके शुरुआती दौर में अक्सर ‘सीरियल किसर’ के रूप में टाइपकास्ट कर दिया गया था, वहीं इस फिल्म ने उनके भीतर छिपे एक संवेदनशील, गंभीर और बेहतरीन अभिनेता को दुनिया के सामने लाकर रख दिया था। फिल्म में उनके बोलने से ज्यादा उनकी आंखें और उनकी खामोशी बात करती थी, जो दर्शकों के दिलों में सीधा उतर जाती थी। कहानी का दर्द, लोनलीनेस और मोक्ष की तलाश का यह सफर आज के सिनेमाई मानकों पर भी पूरी तरह खरा उतरता है। यही वजह है कि आज की पीढ़ी, जो आधुनिक थ्रिलर और डार्क ड्रामा देखना पसंद करती है, वह इस फिल्म से खुद को बहुत आसानी से जोड़ पा रही है। मेकर्स भी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि इस फिल्म की यूथ अपील आज भी कम नहीं हुई है, और यही कारण है कि इसे लेकर नए सिरे से बातचीत का दौर शुरू हो चुका है।

सोशल मीडिया पर फैंस का जबरदस्त कैंपेन, मेकर्स से की जा रही है फिल्म को दोबारा बड़े परदे पर लाने की अपील

आज के दौर में किसी भी पुरानी फिल्म को दोबारा जिंदा करने में सोशल मीडिया की भूमिका सबसे अहम होती है। इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉट्स और एक्स (ट्विटर) पर ‘आवारापन’ के सीन्स और सैड सॉन्ग्स लगातार ट्रेंड कर रहे हैं, जिन पर करोड़ों व्यूज आ चुके हैं। फैंस लगातार #Awarapan और #EmraanHashmi जैसे हैशटैग्स के साथ मेकर्स से यह गुहार लगा रहे हैं कि वे इस कल्ट क्लासिक को सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज करें ताकि वे इस मास्टरपीस को एक बार फिर से थियेटर के डॉल्बी साउंड और बड़े परदे पर अनुभव कर सकें। फिल्म के निर्देशक और क्रू मेंबर्स को भी सोशल मीडिया पर लगातार टैग किया जा रहा है, और जिस तरह का जनसमर्थन इस फिल्म को मिल रहा है, उसे देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि बहुत जल्द इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा भी सामने आ सकती है। 19 साल बाद भी किसी फिल्म का इस तरह से लोगों के दिलों पर राज करना यह साबित करता है कि सच्ची कला कभी पुरानी नहीं होती, वह समय के साथ और अधिक गहरी और पुरानी शराब की तरह निखरती जाती है।