मौत के बिस्तर पर थीं मीना कुमारी, फिर भी इस मासूम बच्चे की फिक्र में डूबी थीं 'ट्रैजेडी क्वीन'; आज वह है बॉलीवुड का दिग्गज सिंगर
बॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित और भावुक अभिनेत्रियों में शुमार मीना कुमारी (Meena Kumari) की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। परदे पर अपनी अदाकारी से सबको रुलाने वाली 'ट्रैजेडी क्वीन' ने असल जिंदगी में भी बेहद दर्द झेले। जब वे अस्पताल में अपनी जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रही थीं और मौत उनके बिल्कुल सामने खड़ी थी, तब भी उनके दिल में एक छोटे से बच्चे के भविष्य को लेकर गहरी फिक्र थी। मीना कुमारी उस मासूम को लेकर इस कदर चिंतित थीं कि उन्होंने आखिरी वक्त में भी उसके लिए दुआएं मांगी थीं। आज वही छोटा सा बच्चा बड़ा होकर भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री का एक बहुत बड़ा नाम और बॉलीवुड का दिग्गज सिंगर बन चुका है। आइए जानते हैं आखिर कौन है वह मशहूर सिंगर और मीना कुमारी के साथ उसका क्या रिश्ता था।
आखिरी पलों में मीना कुमारी को सता रही थी इस बच्चे की चिंता
यह भावुक कर देने वाला किस्सा उस समय का है जब मीना कुमारी लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और सेंट एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती थीं। उनके जीवन के आखिरी दिनों में उनके बेहद करीबी दोस्त और मशहूर संगीतकार गुलाम मोहम्मद के परिवार के लोग उनकी देखभाल कर रहे थे। गुलाम मोहम्मद वही संगीतकार थे जिन्होंने मीना कुमारी की ऐतिहासिक फिल्म 'पाकीजा' का कालजयी संगीत तैयार किया था। अस्पताल के उस कमरे में गुलाम मोहम्मद का एक छोटा सा पोता भी अक्सर आया करता था। मीना कुमारी को उस नन्हे बच्चे से बेहद लगाव हो गया था। अपनी असहनीय शारीरिक तकलीफ के बावजूद वे उस बच्चे को देखकर मुस्कुरा उठती थीं और अक्सर कहती थीं कि इस बच्चे की आंखों में एक अलग चमक है, यह बड़ा होकर बहुत नाम कमाएगा।
कौन है वह बच्चा जो आज है बॉलीवुड की बड़ी आवाज
लिवर की गंभीर बीमारी के कारण सिर्फ 38 साल की उम्र में मीना कुमारी इस दुनिया को अलविदा कह गईं, लेकिन उनकी कही वह बात पत्थर की लकीर साबित हुई। वह मासूम बच्चा कोई और नहीं, बल्कि आज के दौर के बेहद मशहूर और दिग्गज प्लेबैक सिंगर नितिन मुकेश (Nitin Mukesh) हैं, जो महान गायक मुकेश के बेटे और बॉलीवुड अभिनेता नील नितिन मुकेश के पिता हैं। गुलाम मोहम्मद के परिवार से करीबी ताल्लुक होने की वजह से नितिन मुकेश को बचपन में मीना कुमारी का भरपूर प्यार और आशीर्वाद मिला था। 'पाकीजा' फिल्म के गानों की रिकॉर्डिंग के दौरान भी उन्होंने मीना कुमारी के इस ममतामयी रूप को बेहद करीब से देखा था।
जब मीना कुमारी के आशीर्वाद ने बदल दी नितिन मुकेश की किस्मत
नितिन मुकेश ने आगे चलकर संगीत की दुनिया में कदम रखा और अपनी मखमली आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने 'माई नेम इज लखन', 'सो गया ये जहां', 'जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं' और 'तुमसे बढ़कर दुनिया में' जैसे एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने गाकर खुद को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित किया। नितिन मुकेश आज भी जब अपने बचपन के दिनों और मीना कुमारी को याद करते हैं, तो उनकी आंखें नम हो जाती हैं। वे अक्सर इंटरव्यूज में बताते हैं कि कैसे उस महान अभिनेत्री ने अपने आखिरी वक्त में भी उनके सुनहरे भविष्य की फिक्र की थी और उनका वही आशीर्वाद आज उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
अमर हो गया मीना कुमारी और संगीत की दुनिया का यह नाता
मीना कुमारी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके जीवन से जुड़े ऐसे अनसुने किस्से आज भी उनके फैंस के दिलों को छू जाते हैं। एक तरफ जहां उनकी फिल्म 'पाकीजा' और उसके अमर गाने आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ नितिन मुकेश जैसी बड़ी शख्सियत के पीछे छिपा उनका वो आखिरी आशीर्वाद इस बात का गवाह है कि मीना कुमारी न सिर्फ स्क्रीन पर बल्कि असल जिंदगी में भी कितनी संवेदनशील और महान इंसान थीं।