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Up kiran,Digital Desk : वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Assets) की तलाश में सोने और चांदी की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं।

MCX पर रिकॉर्ड उछाल

चांदी (मार्च डिलीवरी) 25,101 रुपये यानी 7.5% की बढ़त के साथ 3,59,800 रुपये प्रति किग्रा के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

सोना (फरवरी कॉन्ट्रैक्ट) 3,783 रुपये (2.42%) बढ़कर 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्च स्तर पर।

पिछले एक हफ्ते में सोने में 9.5% और चांदी में 16.3% की बढ़ोतरी देखी गई है।

तेजी के मुख्य कारण

ट्रंप का 'टैरिफ वार' डर – दक्षिण कोरियाई आयात पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव।

सॉवरेन बॉन्ड्स पर भरोसे में कमी – निवेशक बॉन्ड्स और मुद्राओं से पैसा निकालकर सोने-चांदी में लगा रहे हैं।

डीबेसमेंट ट्रेड – प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारी सरकारी खर्च के चलते निवेशक 'रियल एसेट्स' में निवेश कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली

ग्लोबल मार्केट में सोना 5,107.9 डॉलर के रिकॉर्ड के बाद मामूली गिरावट के साथ 5,096.05 डॉलर प्रति औंस।

चांदी 117.26 डॉलर के रिकॉर्ड के बाद गिरकर 108.26 डॉलर प्रति औंस।

आगामी घटनाओं पर नजर

यूएस फेड पॉलिसी – फेड की बैठक और नए फेड चेयरमैन की नियुक्ति की अटकलें बाजार की दिशा तय करेंगी।

केंद्रीय बजट 2026 – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट और इम्पोर्ट ड्यूटी में बदलाव सोने-चांदी के भाव पर असर डाल सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय:
वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू राजनीतिक-सामाजिक घटनाओं के कारण बुलियन बाजार में तेजी जारी रह सकती है। जब तक आर्थिक नीतियों में स्थिरता नहीं आती, सोना और चांदी की कीमतें उछाल पर बनी रहेंगी।