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केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय को एक महत्वपूर्ण काम सौंपा है। यह AADHAR CARD से जुड़ी एक बहुत ही अहम प्रक्रिया है। इसके तहत अहम सरकारी दस्तावेजों को आधार के जरिए ऑटो अपडेट किया जाएगा। हालांकि, इस सिस्टम को अमलीजामा पहनाने में कुछ समय लग सकता है। दरअसल, सरकार एक ऐसा सिस्टम बनाना चाहती है, जिसकी मदद से यूजर्स को जरूरी दस्तावेजों पर अपने घर का पता बदलने के लिए किसी संबंधित विभाग या मंत्रालय के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। उपयोगकर्ता ने अपने आधार पर परिवर्तन किए, यह स्वचालित रूप से प्रासंगिक दस्तावेजों पर भी दिखाई देगा।

आधार के जरिए ऑटो-अपडेट कैसे काम करता है? -

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सिस्टम से मुख्य रूप से उन यूजर्स को फायदा होगा जो डिजिलॉकर में दस्तावेज स्टोर करते हैं। डिजीलॉकर पर लाइसेंस, पैन कार्ड और कुछ अन्य दस्तावेजों को डिजिटल रूप से सहेजा जा सकता है। इस तरह AADHAR CARD में किया गया बदलाव डिजिलॉकर में मौजूद अन्य दस्तावेजों पर भी दिखेगा। अहम रूप से, इस सुविधा का उपयोग करना या न करना पूरी तरह से उपयोगकर्ता पर निर्भर करेगा।

मौजूद समय में, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) परिवहन, ग्राम विकास और पंचायत राज जैसे मंत्रालयों के साथ काम कर रहा है। बाद में, इसमें कुछ अन्य खंड भी शामिल हो सकते हैं। इससे यूजर्स पासपोर्ट आदि को ऑटो अपडेट कर सकेंगे। इसके लिए सरकार एक सॉफ्टवेयर एपीआई (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) विकसित करेगी।

ऑटो-अपडेट सिस्टम का फायदा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आधार के जरिए डिजिलॉकर डॉक्युमेंट्स को अपडेट करने के लिए एक ऑटो-अपडेट सिस्टम बनाया जाएगा। इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी। साथ ही फर्जी कागजों की संभावना भी कम होगी। खास बात यह है कि जिन लोगों को काम के सिलसिले में बार-बार अपना ठिकाना बदलना पड़ता है, उनके लिए भी यह बहुत लाभकारी होगा।

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