पहली बार बालों में कलर करवाते समय भूलकर भी न करें ये 5 बड़ी गलतियां

पहली बार बालों में कलर करवाते समय भूलकर भी न करें ये 5 बड़ी गलतियां

आज के मॉडर्न और फैशनेबल दौर में अपने बालों को एक नया और स्टाइलिश लुक देना हर युवा और ट्रेंड-प्रेमी की पहली पसंद बन चुका है। कॉलेज के फ्रेशर्स से लेकर कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स तक, हर कोई अपने बालों पर अलग-अलग शेड्स और हाइलाइट्स ट्राई करना चाहता है। यदि आप भी जीवन में पहली बार अपने बालों में कलर (Hair Coloring) करवाने जा रही हैं या जा रहे हैं, तो आपके मन में उत्साह के साथ-साथ थोड़ा डर होना स्वाभाविक है। अक्सर जानकारी के अभाव में लोग पहली बार कलर करवाते समय कुछ ऐसी बुनियादी गलतियां कर बैठते हैं, जिसका खामियाजा उनके बालों को लंबे समय तक भुगतना पड़ता है। गलत प्रोडक्ट का चुनाव, बिना पैच टेस्ट के केमिकल लगाना और बालों की सही देखभाल न करना बालों को अंदर से पूरी तरह कमजोर और बेजान बना देता है। आज के इस विस्तृत लेख में हम आपको उन पांच सबसे बड़ी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे आपको पहली बार हेयर कलर करवाते समय पूरी तरह बचना चाहिए, ताकि आपके बाल सुरक्षित रहें और आपको मिले एक परफेक्ट, चमकदार और नेचुरल लुक।

पहली गलती: बिना सोचे-समझे गलत शेड या किसी भी ट्रेंडिंग कलर का चुनाव करना

बालों को कलर करने की प्रक्रिया में सबसे पहली और सबसे खतरनाक गलती अक्सर लोग यह करते हैं कि वे बिना अपनी स्किन टोन और नेचुरल हेयर टेक्सचर को समझे इंटरनेट पर चल रहे किसी भी रैंडम ट्रेंड को देखकर वही कलर चुन लेते हैं। हर किसी की त्वचा का रंग (Skin Undertone) और बालों की प्राकृतिक संरचना अलग होती है, जो शेड आपके किसी पसंदीदा सेलिब्रिटी पर अच्छा लग रहा है, जरूरी नहीं है कि वह आपके ऊपर भी उतना ही जमे। यदि आपका स्किन टोन वार्म है और आप कूल टोन का ब्राइट कलर चुन लेते हैं, तो आपका पूरा लुक अजीब लग सकता है। पहली बार कलर करवाते समय हमेशा अपने हेयर स्टाइलिस्ट या एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए और हमेशा नेचुरल ब्राउन, बरगंडी या सब्‍टल हाइलाइट्स से शुरुआत करनी चाहिए, जो आपके चेहरे की रंगत के साथ आसानी से मैच हो जाएं और बहुत ज्यादा भड़कीले न लगें।

दूसरी गलती: पैच टेस्ट (Patch Test) को नजरअंदाज करना और एलर्जी को बुलावा देना

हेयर कलरिंग प्रोडक्ट्स में विभिन्न प्रकार के केमिकल्स और अमोनिया का इस्तेमाल किया जाता है, जो कई बार संवेदनशील त्वचा (Sensitive Skin) के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। लोग जोश में आकर बिना किसी प्रिकॉशन के सीधा कलर अपने सिर की त्वचा पर लगा लेते हैं, जिससे गंभीर एलर्जी, स्कैल्प में जलन, फफोले और यहां तक कि बाल तेजी से टूटने की समस्या पैदा हो सकती है। पहली बार बालों में कलर करवाने जा रहे हैं, तो पार्लर या घर पर कलर लगाने से कम से कम 48 घंटे पहले अपनी कलाई या कान के पीछे थोड़ा सा कलर लगाकर पैच टेस्ट जरूर करें। यदि उस हिस्से पर किसी भी प्रकार की खुजली, लालिमा या जलन महसूस न हो, तभी उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल अपने बालों पर करें। यह छोटी सी सावधानी आपको किसी भी बड़े मेडिकल रिएक्शन और त्वचा संबंधी गंभीर नुकसान से बचा सकती है।

तीसरी गलती: गंदे या बहुत ज्यादा ऑयली बालों पर सीधे केमिकल कलर अप्लाई करना

कई लोगों के मन में यह एक बहुत बड़ी और गलतफहमी बैठी होती है कि यदि बाल गंदे या तेल वाले होंगे, तो केमिकल से स्कैल्प को कम नुकसान पहुंचेगा। लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। यदि आपके बालों में बहुत अधिक धूल-मिट्टी, पसीना या चंपी किया हुआ तेल जमा है, तो कलर बालों की शाफ्ट के अंदर गहराई तक समान रूप से नहीं पहुंच पाएगा, जिससे पैची (Patchy) और असमान परिणाम सामने आएंगे। इसके अलावा ऑयली स्कैल्प पर कलर लगाने से उसकी पकड़ कमजोर हो जाती है। हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि आप बिल्कुल फ्रेश और शैंपू किए हुए बाल रखें; आदर्श स्थिति यह है कि बाल कलर करवाने से एक दिन पहले धुले हुए होने चाहिए, जिन पर किसी भी प्रकार का सीरम, स्प्रे या हेयर ऑयल लगा हुआ न हो, ताकि कलर का पिगमेंट बालों पर बेहतरीन तरीके से चढ़ सके।

चौथी गलती: कलर करवाने के तुरंत बाद गलत शैंपू और गर्म पानी का इस्तेमाल करना

बालों में एक बार महंगा और मनपसंद कलर करवाने के बाद उसकी सही देखभाल (Aftercare) शुरू होती है, लेकिन अधिकांश लोग पहली गलती यहीं कर देते हैं। वे कलर करवाने के तुरंत बाद अगले ही दिन सामान्य या कड़े केमिकल वाले शैंपू से बाल धो लेते हैं और गुनगुने या तेज गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं। गर्म पानी बालों के क्यूटिकल्स को खोल देता है, जिससे नया कलर बहुत जल्दी फेड होकर उड़ जाता है और बाल रूखे नजर आने लगते हैं। हेयर कलर करवाने के कम से कम 48 से 72 घंटों तक बालों में पानी या शैंपू लगाने से बचना चाहिए, ताकि कलर पिगमेंट बालों के स्ट्रैंड्स में अच्छी तरह सेट हो सके। हमेशा सल्फेट-फ्री (Sulfate-Free) शैंपू और कलर-प्रोटेक्टेड कंडीशनर का ही उपयोग करें, जो आपके बालों की चमक और नमी को लंबे समय तक बरकरार रखें।

पांचवीं गलती: बालों को मिलने वाले मॉइश्चराइजेशन और डीप कंडीशनिंग की अनदेखी करना

केमिकल ट्रीटमेंट से गुजरने के बाद बाल स्वाभाविक रूप से अपनी प्राकृतिक नमी और मॉइश्चर को खो देते हैं, जिससे वे थोड़े ड्राई और रफ महसूस हो सकते हैं। लोग पहली बार कलर करवाने के बाद रेगुलर ऑयलिंग और डीप कंडीशनिंग मास्क लगाना बंद कर देते हैं, जिससे धीरे-धीरे बाल दोमुंहे (Split Ends) होने लगते हैं और टूटने लगते हैं। अपने कलर किए हुए बालों की खूबसूरती को सालों-साल बनाए रखने के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार हेयर स्पा मास्क या नेचुरल ऑयल से डीप नरिशमेंट देना बेहद जरूरी है। इसके अलावा धूप में निकलते समय बालों को स्कार्फ या कैप से ढकें ताकि यूवी रेज (UV Rays) आपके नए कलर को फीका न कर सकें। यदि आप इन सभी जरूरी बातों का ध्यान रखते हैं, तो आपका पहला हेयर कलर एक्सपीरियंस बेहद शानदार रहेगा और आपके बाल हमेशा स्वस्थ, चमकदार और स्टाइलिश बने रहेंगे।