मिलावटी पेट्रोल आपके वाहन को कैसे पहुंचा सकता है बड़ा नुकसान, समय रहते पहचानें ये संकेत
अक्सर लोग किसी भी पेट्रोल पंप से बिना ज्यादा सोचे ईंधन भरवा लेते हैं। लेकिन हर बार मिलने वाला पेट्रोल पूरी तरह साफ हो यह जरूरी नहीं है। खासकर मानसून के दौरान बारिश का पानी भूमिगत टैंकों तक पहुंच जाए या स्टोरेज सिस्टम में गंदगी जमा हो जाए तो पेट्रोल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में कुछ ही समय में आपकी कार की परफॉर्मेंस बिगड़ सकती है और महंगे रिपेयर का खर्च भी उठाना पड़ सकता है। गंभीर स्थिति में इंजन तक खराब हो सकता है।
दूषित पेट्रोल क्या होता है?
दूषित पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें पानी, धूल, जंग के कण, तलछट या दूसरे अवांछित पदार्थ मिल जाते हैं। कुछ मामलों में कम गुणवत्ता वाला डीजल या सस्ते केमिकल भी मिलाए जाते हैं। ऐसा ईंधन इंजन के अंदर होने वाली दहन प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इसका सीधा असर फ्यूल सिस्टम और इंजन की कार्यक्षमता पर पड़ता है।
किन वजहों से पेट्रोल खराब हो सकता है?
1. बारिश का पानी टैंक में पहुंचना
भारी बारिश या जलभराव के दौरान पेट्रोल पंप के अंडरग्राउंड टैंक में पानी पहुंच सकता है। थोड़ी मात्रा में भी पानी कार के इंजन के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
2. स्टोरेज टैंक की सफाई न होना
अगर टैंक और पाइपलाइन लंबे समय तक साफ नहीं किए जाएं तो उनमें जंग और गंदगी जमा होने लगती है। यही गंदगी बाद में ईंधन के साथ वाहन तक पहुंच सकती है।
3. मिलावट की संभावना
कुछ जगह अधिक मुनाफा कमाने के लिए पेट्रोल में कम गुणवत्ता वाले केमिकल या दूसरे पदार्थ मिलाने के मामले भी सामने आते हैं।
4. लंबे समय तक रखा गया ईंधन
बहुत समय तक स्टोर किया गया पेट्रोल अपनी गुणवत्ता खो सकता है। इससे फ्यूल सिस्टम में रुकावट आने का खतरा बढ़ जाता है।
खराब पेट्रोल भरने के बाद दिख सकते हैं ये संकेत
अगर पेट्रोल भरवाने के बाद आपकी कार का व्यवहार बदल जाए तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये लक्षण खराब ईंधन की ओर इशारा कर सकते हैं।
- इंजन स्टार्ट होने में दिक्कत आना।
- चलते समय इंजन का झटके देना या बंद हो जाना।
- एक्सेलेरेटर दबाने पर भी कार में ताकत महसूस न होना।
- पिकअप और स्पीड का कम हो जाना।
- माइलेज में अचानक गिरावट आना।
- डैशबोर्ड पर चेक इंजन लाइट जलना।
- साइलेंसर से सामान्य से ज्यादा धुआं निकलना।
- ट्रैफिक या सड़क पर इंजन का अचानक बंद हो जाना।
अगर इनमें से एक या अधिक संकेत दिखाई दें तो लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें और जल्द से जल्द किसी भरोसेमंद मैकेनिक से वाहन की जांच करवाएं।