JDU ने 3 तो BJP ने 2 अतिपिछड़ों को उतारा, 'आधी आबादी' को साधकर विपक्ष की बढ़ाई टेंशन
बिहार की सियासत में आगामी विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर एनडीए (NDA) ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। सीटों के एलान के साथ ही साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू और भारतीय जनता पार्टी ने आगामी चुनावों के मद्देनजर बेहद तगड़ी सोशल इंजीनियरिंग की है। एनडीए की ओर से घोषित 8 उम्मीदवारों की सूची में सबसे बड़ा दांव देश के सबसे बड़े वोट बैंक यानी अतिपिछड़ा वर्ग (EBC) पर खेला गया है। इसके साथ ही महिलाओं को भी बड़ी हिस्सेदारी देकर विपक्ष के सामने कड़ी चुनौती खड़ी कर दी गई है। एनडीए के इन 8 प्रत्याशियों में से 5 उम्मीदवार अतिपिछड़ा समाज से आते हैं, जबकि 3 सीटों पर महिला चेहरों को आगे किया गया है।
जेडीयू ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन के साथ 'आधी आबादी' को दी कमान
बिहार में अपनी ताकत बढ़ाने में जुटी जदयू ने उम्मीदवारों के चयन में अपने पारंपरिक आधार वोट के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन का भी खास ख्याल रखा है। नीतीश कुमार की पार्टी ने महिलाओं (आधी आबादी) को 50 फीसदी की हिस्सेदारी दी है। पार्टी के कुल 4 उम्मीदवारों में से एक पिछड़ा और तीन अतिपिछड़ा वर्ग से आते हैं। जातीय समीकरण देखें तो इसमें एक कुर्मी, एक नोनिया, एक कुम्हार और एक धानुक जाति से हैं। जदयू की इस लिस्ट में सबसे पहला और चौंकाने वाला नाम निशांत का है, जिन्हें पार्टी का भविष्य का बड़ा चेहरा माना जा रहा है। उनके अलावा पिछले 25 वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहीं महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. भारती मेहता, बेतिया जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष शिवरानी प्रजापति (कुम्हार जाति) और समता पार्टी के दौर से जुड़े ललन प्रसाद (धानुक जाति) को भी उच्च सदन जाने का मौका मिला है।
भाजपा का 'सवर्ण + अतिपिछड़ा' फॉर्मूला, संजय मयूख पर फिर भरोसा
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने अपने कोटे की चार सीटों पर 'सवर्ण और अतिपिछड़ा' का बेहतरीन कॉकटेल तैयार किया है। भाजपा ने दो सीटें सवर्णों (एक राजपूत और एक कायस्थ) को दी हैं, जबकि दो सीटें अतिपिछड़ा वर्ग (एक नाई और एक प्रजापति) के खाते में डाली हैं। इन चार में से एक सीट महिला को दी गई है। भाजपा ने डॉ. संजय मयूख को लगातार तीसरी बार उम्मीदवार बनाकर इतिहास दोहराया है। इससे पहले केवल गंगा प्रसाद और मंगल पांडेय को ही भाजपा ने लगातार तीन बार विधान परिषद भेजा था। हाल ही में भोजपुरी स्टार पवन सिंह की भाजपा के शीर्ष नेताओं से हुई मुलाकात के बाद मयूख के नाम पर मुहर लगना बेहद अहम माना जा रहा है। भाजपा के अन्य चेहरों में प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल कुमार ठाकुर (नाई जाति) और बाल संरक्षण आयोग की सदस्य शीला पंडित (प्रजापति जाति) शामिल हैं।
नौवीं सीट पर मंत्री दीपक प्रकाश का जाना तय, रालोमो करेगी एलान
एनडीए के इस पूरे सियासी गणित में 9वीं सीट को लेकर भी तस्वीर साफ हो गई है। इस सीट पर बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश का विधान परिषद जाना पूरी तरह तय माना जा रहा है। बहुत जल्द ही राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) की ओर से उनकी उम्मीदवारी का आधिकारिक एलान कर दिया जाएगा। इस चुनाव की खास बात यह है कि बीजेपी के संजय मयूख को छोड़कर एनडीए के बाकी सभी 7 उम्मीदवार पहली बार विधान परिषद की दहलीज पर कदम रखेंगे। इस नए और बेदाग चेहरों वाले दांव से एनडीए ने राज्य में एक नया राजनीतिक नैरेटिव सेट करने की कोशिश की है।