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आज का पंचांग: शाम से शुरू हो रहा खतरनाक 'मृत्यु पंचक', लेकिन 'द्विपुष्कर योग' चमकाएगा भाग्य; जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में पंचांग का बहुत बड़ा महत्व है। किसी भी शुभ काम को करने से पहले ग्रहों की चाल और नक्षत्रों की स्थिति देखना बेहद जरूरी माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 6 जून को अधिक ज्येष्ठ मास की षष्ठी तिथि है। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास और मिलाजुला रहने वाला है। एक तरफ जहां आज शाम से 'मृत्यु पंचक' की शुरुआत हो रही है, जिससे लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है; वहीं दूसरी तरफ आज 'द्विपुष्कर योग', 'सर्वार्थ सिद्धि योग' और 'रवि योग' का एक बेहद दुर्लभ महासंयोग भी बन रहा है। चूंकि आज शनिवार का दिन है, इसलिए आज की पूजा और उपाय न्याय के देवता भगवान शनिदेव को समर्पित होंगे। आइए जानते हैं आज के पंचांग के अनुसार शुभ-अशुभ मुहूर्त और सावधानियां।

सावधान! आज शाम से लग रहा है 5 दिनों का 'मृत्यु पंचक'

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज शाम से 'मृत्यु पंचक' की शुरुआत होने जा रही है, जो आने वाली 11 जून तक प्रभावी रहेगा। पंचांग में पंचक के इन 5 दिनों को बेहद संवेदनशील माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु पंचक के दौरान किसी भी तरह का बड़ा आर्थिक फैसला लेने, नया व्यापार शुरू करने या किसी मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इस अवधि में वाहन चलाते समय या कोई भी जरूरी काम करते समय जल्दबाजी बिल्कुल न करें। हर काम को पूरी समझदारी, धैर्य और सावधानी के साथ करना ही इन 5 दिनों में आपके लिए कल्याणकारी साबित होगा।

'द्विपुष्कर योग' का महासंयोग, हर अच्छे काम का मिलेगा दोगुना फल

मृत्यु पंचक के साए के बीच आज 'द्विपुष्कर योग' का एक बेहद खूबसूरत और शुभ संयोग भी बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को चमत्कारी माना गया है। मान्यता है कि द्विपुष्कर योग के दौरान आप जो भी अच्छा या बुरा कर्म करते हैं, उसका फल आपको सीधा दोगुना होकर मिलता है। इसलिए आज के दिन अपने मन को पूरी तरह शांत रखें और अपनी सोच को सकारात्मक बनाए रखें। आज के दिन किया गया दान और पुण्य आपको आने वाले समय में दोगुना लाभ देगा। आप शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए नया काम शुरू कर सकते हैं, जिससे आपको भविष्य में बड़ी सफलता मिल सकती है।

शनिवार को ऐसे करें शनिदेव की पूजा, दूर होंगी जीवन की सभी बाधाएं

आज शनिवार का दिन है और शनिदेव की कृपा पाने के लिए आज का संयोग बेहद उत्तम है। आज के दिन सुबह स्नान करने के बाद काले या गहरे नीले रंग के वस्त्र धारण करना बेहद शुभ माना जाता है। शाम के समय किसी शनि मंदिर में जाकर भगवान शनिदेव को काले तिल और सरसों का तेल अर्पित करें। उनके सामने तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद वहीं बैठकर 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप जरूर करें। पूजा के अंत में शनि चालीसा का पाठ करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को काले कपड़े, छाता या अन्न का दान दें। माना जाता है कि इस विधि से पूजा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन की सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं।

 

 

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