post-slider

केंद्रीय कर्मचारियों की टेक होम सैलरी में लगेगा बंपर उछाल! सरकार लागू कर सकती है 2.86 का फिटमेंट फॉर्मूला, देखें पूरा गणित

देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बेहद बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो अगले साल यानी 2027 की पहली छमाही (First Half) में आठवां वेतन आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंप सकता है। इस रिपोर्ट के आने से पहले ही कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों की सूची आयोग को सौंपनी शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, कर्मचारी भी विभिन्न अनुमानों और सूत्रों के आधार पर अपनी भविष्य की सैलरी का गणित लगाने में जुट गए हैं। आइए विशेषज्ञों और सूत्रों के हवाले से जानते हैं कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की टेक होम सैलरी (Take Home Salary) पर कितना बड़ा और असरदार प्रभाव पड़ने वाला है।

फिटमेंट फैक्टर और टेक होम सैलरी का क्या है सीधा कनेक्शन?

केंद्रीय कर्मचारियों की इन-हैंड या टेक होम सैलरी में होने वाली इस बड़ी बढ़ोतरी का पूरा मामला 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) से जुड़ा हुआ है। फिटमेंट फैक्टर में जैसे ही इजाफा होता है, कर्मचारियों की बेसिक पे (मूल वेतन) में भारी उछाल आता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी कर्मचारी की कुल टेक होम सैलरी सिर्फ बेसिक पे से तय नहीं होती। मूल वेतन के बढ़ने से उसके ऊपर मिलने वाले अन्य महत्वपूर्ण भत्ते जैसे महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता (TA) भी आनुपातिक रूप से बढ़ जाते हैं, जिससे कुल वेतन का ग्राफ काफी ऊपर चला जाता है।

कर्मचारी संगठनों की 3 गुना से ज्यादा की मांग, पर सरकार ला सकती है 2.86 का फॉर्मूला

अगर इतिहास पर नजर डालें तो सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन के समय सरकार ने फिटमेंट फैक्टर को 2.57 तय किया था। वर्तमान में, केंद्रीय कर्मचारियों के ज्यादातर बड़े संगठन इस बार फिटमेंट फैक्टर को 3 या उससे अधिक रखने की पुरजोर वकालत कर रहे हैं। हालांकि, अर्थव्यवस्था के संतुलन और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ को देखते हुए वित्तीय जानकारों का मानना है कि सरकार इसे 3 के आंकड़े से थोड़ा नीचे रख सकती है। ताजा अनुमानों के अनुसार, सरकार इस बार 2.86 का नया फॉर्मूला लागू करने पर विचार कर रही है। अगर कैबिनेट इस फॉर्मूले पर अपनी मुहर लगा देती है, तो कर्मचारियों की सैलरी का पूरा स्ट्रक्चर ही बदल जाएगा।

मोहन के उदाहरण से समझिए सैलरी का पूरा गणित: कैसे दोगुनी से ज्यादा हो जाएगी आय?

मान लीजिए कि वर्तमान समय में 'मोहन' नाम के एक केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है और उसे फिलहाल 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता (DA) मिल रहा है। इस मौजूदा व्यवस्था में मोहन की सभी भत्तों को मिलाकर कुल मासिक आय लगभग 35,000 रुपये से 40,000 रुपये के बीच बैठती है।

अब यदि आठवें वेतन आयोग में सरकार 2.86 का फिटमेंट फॉर्मूला लागू करती है, तो मोहन की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से सीधे बढ़कर 51,480 रुपये के स्तर पर पहुंच जाएगी। मूल वेतन में इतनी बड़ी वृद्धि होने के कारण उस पर मिलने वाले डीए (DA), एचआरए (HRA) और अन्य भत्तों का मूल्य भी काफी ज्यादा बढ़ जाएगा। इस नए कैल्कुलेशन के हिसाब से मोहन की कुल मासिक टेक होम सैलरी 75,000 रुपये से लेकर 90,000 रुपये के बीच पहुंच सकती है, जो कि मौजूदा सैलरी से लगभग दोगुनी है।

डीए मर्जर (DA Merger) से पेंशन और ग्रेच्युटी में भी होगा बंपर फायदा

विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठनों का सरकार को यह भी सुझाव है कि यदि सरकार 50 प्रतिशत से अधिक हो चुके महंगाई भत्ते (DA) को कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में पूरी तरह मर्ज (समाहित) कर देती है, तो इससे कर्मचारियों को चौतरफा अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इस मर्जर के होने से न सिर्फ हर महीने मिलने वाली सैलरी बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में रिटायरमेंट के समय मिलने वाले अन्य महत्वपूर्ण सेवा लाभ जैसे ग्रेच्युटी, प्रोविडेंट फंड (PF), पेंशन और अर्जित अवकाश के पैसों में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

आठवें वेतन आयोग की तैयारियां तेज, बैठकों और सुझावों का दौर जारी

आपको बता दें कि आठवें वेतन आयोग का आधिकारिक गठन पिछले साल ही कर दिया गया था। अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए वेतन आयोग ने इसी साल फरवरी के महीने में अपनी एक समर्पित आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वेतन आयोग ने देश भर के केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों, एसोसिएशनों और हितधारकों से सैलरी स्ट्रक्चर, भत्तों के संशोधन और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर ऑनलाइन सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं। फिलहाल, वेतन आयोग लगातार विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मैराथन बैठकें कर रहा है ताकि एक सर्वसम्मति से तैयार रिपोर्ट समय पर सरकार को सौंपी जा सके।

 

 

Tags:

Latest Posts