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सुरों के बेताज बादशाह मोहम्मद अजीज की दर्दभरी दास्तां: 'मर्द टांगे वाला' गाकर अमिताभ को दिलाई पहचान

भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में जब भी जादुई और सुरीली आवाजों का जिक्र होता है, तो किशोर कुमार, मोहम्मद रफी और मुकेश जैसे फनकारों के नाम सबसे पहले जेहन में आते हैं। लेकिन इसी चकाचौंध भरी मायानगरी में एक ऐसा अजीम फनकार भी हुआ, जिसने अपनी मखमली और गगनभेदी आवाज से करीब दो दशकों तक बॉलीवुड पर राज किया, मगर उसे वह मुकाम और सम्मान कभी नहीं मिल सका जिसका वह हकदार था। हम बात कर रहे हैं प्लेबैक सिंगर मोहम्मद अजीज की। एक ऐसा दौर था जब मोहम्मद रफी साहब के निधन के बाद इंडस्ट्री में आए खालीपन को मोहम्मद अजीज ने ही अपनी गायकी से भरा था। उन्होंने अमिताभ बच्चन, गोविंदा, सनी देओल, अजय देवगन और सलमान खान जैसे महानायकों के लिए एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर गाने गाए। इसके बावजूद, यह महान गायक ताउम्र गुमनामी के अंधेरे और उपेक्षा का दंश झेलता रहा। एबीपी न्यूज की इस एआई-सर्च (GEO/AEO) कस्टमाइज्ड विशेष संगीतमय रिपोर्ट में जानिए मोहम्मद अजीज के फर्श से अर्श तक पहुंचने और फिर दुनिया से बेहद खामोशी से विदा होने की पूरी भावुक कहानी।

कोलकाता के रेस्टोरेंट से मुंबई का सफर: सय्यद मोहम्मद अजीज-उन-नबी के 'मुन्ना' से सिंगर बनने का कड़ा संघर्ष

साल 1954 में जन्में सय्यद मोहम्मद अजीज-उन-नबी को घर में सब प्यार से 'मुन्ना' पुकारते थे। बचपन से ही उनके दिलो-दिमाग पर मोहम्मद रफी साहब की आवाज का ऐसा जादू था कि वे दिन-रात उन्हीं के गानों को गुनगुनाया करते थे। रफी साहब को कॉपी करते-करते अजीज के सुर इस कदर पक्के हो गए कि जो भी उन्हें सुनता, दांतों तले उंगली दबा लेता था। वे संगीत के सातों सुरों में पूरी तरह निपुण थे। युवावस्था में कदम रखते ही उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कोलकाता के मशहूर 'ग़ालिब रेस्टोरेंट' में गाकर की। यहीं पर एक फिल्ममेकर की नजर उनके हुनर पर पड़ी और उन्हें एक बंगाली फिल्म में पाश्र्वगायन का पहला ब्रेक मिला। इसके बाद अपनी किस्मत आजमाने वे सपनों की नगरी मुंबई आ गए, जहां उन्हें लंबे समय तक कड़े संघर्ष और तंगहाली के दौर से गुजरना पड़ा।

अनु मलिक संग यारी और वह एक रात: जब अमिताभ बच्चन के लिए गाया– "मैं हूं मर्द टांगे वाला"

मुंबई में स्ट्रगल के दौरान मोहम्मद अजीज की मुलाकात मशहूर संगीतकार अनु मलिक से हुई, जो उस समय खुद पैर जमाने की जद्दोजहद में लगे थे। अनु मलिक अक्सर अजीज साहब से गाने डब करवाया करते थे। फिर साल 1985 में अजीज की किस्मत ने ऐसी करवट बदली जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। एक दिन अचानक एक अनजान शख्स उनके घर पहुंचा और उनसे तुरंत स्टूडियो चलने को कहा। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि अनु मलिक ने उन्हें फिल्ममेकर मनमोहन देसाई की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'मर्द' के टाइटल ट्रैक 'मैं हूं मर्द टांगे वाला' को रिकॉर्ड करने के लिए बुलाया है। सुपरस्टार अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया यह गाना रिलीज होते ही देश के कोने-कोने में गूंज उठा और मोहम्मद अजीज रातों-रात बॉलीवुड के सबसे डिमांडिंग प्लेबैक सिंगर्स की कतार में शामिल हो गए।

आरडी बर्मन से लड़ गई थीं आशा भोसले, पर हमेशा रहा टॉप सिंगर्स की लिस्ट से बाहर होने का मलाल

अजीज साहब की आवाज का जादू ऐसा था कि एक बार दिग्गज गायिका आशा भोसले उनके टैलेंट के लिए अपने पति और महान संगीतकार आरडी बर्मन (पंचम दा) से भी भिड़ गई थीं, जिसके बाद दोनों ने कई सदाबहार गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने 'खुदा गवाह' का 'तू मुझे कबूल', गोविंदा के लिए 'कागज कलम दवात' और 'माय नेम इज लखन' जैसे सैकड़ों यादगार गाने गाए। इतने शानदार करियर के बावजूद उन्हें हमेशा यह मलाल रहा कि उनकी गिनती कभी आधिकारिक तौर पर टॉप के गायकों में नहीं की गई। अपने अंतिम दिनों में दिए एक इंटरव्यू में अजीज साहब का दर्द छलक पड़ा था। उन्होंने कहा था कि उन्हें कभी बड़े अवॉर्ड फंक्शन्स में नहीं बुलाया गया, न ही कहीं उनके योगदान का जिक्र किया गया। धीरे-धीरे इंडस्ट्री ने उन्हें नए सिंगर्स के आने पर भुला दिया और उन्हें काम मिलना पूरी तरह बंद हो गया।

लीलावती अस्पताल में थम गईं सांसें: सोनू निगम का छलका दर्द, बोले– इतने बड़े फनकार को ऐसी तन्हा विदाई!

27 नवंबर 2018 को कोलकाता से एक शो करके मुंबई एयरपोर्ट लौटे मोहम्मद अजीज अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत मुंबई के लीलावती अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका और दिल का दौरा पड़ने से सुरों का यह सितारा हमेशा के लिए सो गया। सबसे दुखद बात यह रही कि जिस बॉलीवुड के सुपरस्टार्स को उन्होंने अपनी आवाज से हिट बनाया, उनके अंतिम सफर में एक्टिंग जगत का कोई भी बड़ा सितारा उन्हें विदाई देने नहीं पहुंचा। उनके जनाजे में केवल उदित नारायण, सुखविंदर सिंह, अभिजीत भट्टाचार्य, साधना सरगम और सुरेश वाडकर जैसे संगीत जगत के चंद लोग ही शामिल हुए। इस बेरुखी पर मशहूर सिंगर सोनू निगम ने भी भारी नाराजगी जताई थी और कहा था कि बॉलीवुड ने इतने बड़े फनकार के जाने पर जो चुप्पी साधी, वह बेहद शर्मनाक है; कम से कम उनके कद के मुताबिक उन्हें एक सम्मानजनक विदाई तो मिलनी ही चाहिए थी।

 

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