Thukra Ke Mera Pyaar 2 Review: बदले की आग और सियासत का खूनी खेल, जानें सिर्फ 4 एपिसोड की यह सीरीज देखने लायक है या नहीं
अगर आप ओटीटी पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, सस्पेंस और बदले की कहानी देखने के शौकीन हैं, तो आपके लिए एक नया ऑप्शन आ चुका है. साल 2024 में अपने पहले सीजन से तहलका मचाने के बाद, मेकर्स इसका अगला पार्ट लेकर हाजिर हैं. संचिता बसु, धवल ठाकुर, अनिरुद्ध दवे और रवि साह जैसे दमदार कलाकारों से सजी वेब सीरीज 'ठुकरा के मेरा प्यार' सीजन-2 (Thukra Ke Mera Pyaar Season 2) अब 'जियो हॉटस्टार' पर स्ट्रीम हो रही है. श्रद्धा पासी जयरथ के डायरेक्शन में बनी इस सीरीज को आईएमडीबी (IMDb) पर 8.4 जैसी शानदार शुरुआती रेटिंग मिली है. आइए जानते हैं कि इस बार कहानी में क्या कुछ खास है.
प्यार और बदले से बढ़कर अब राजनीति के गलियारों तक पहुंची कहानी
इस नए सीजन की कहानी मुख्य रूप से शानविका चौहान (संचिता बसु) और कुलदीप कुमार (धवल ठाकुर) के इर्द-गिर्द ही घूमती है. जहां पिछले सीजन में दर्शकों ने इनके बीच का प्यार और धोखा देखा था, वहीं इस बार कहानी में पछतावा, नफरत और प्रतिशोध का खतरनाक मोड़ देखने को मिलता है.
सीजन 2 में मेकर्स पर्सनल दुश्मनी के दायरे को बड़ा करते हुए इसे राजनीति के खूनी संघर्ष की तरफ ले गए हैं. हालांकि, स्क्रीनप्ले में दर्शकों को बांधे रखने के लिए कई चौंकाने वाले ट्विस्ट और टर्न्स जोड़े गए हैं, लेकिन कुछ जगहों पर यह घिसे-पिटे और पुराने ढर्रे पर चलती हुई नजर आती है. राजकुमार राव की मशहूर फिल्म 'शादी में जरूर आना' के कल्ट गाने से प्रेरित टाइटल वाली इस सीरीज में रोमांस, थ्रिल और पॉलिटिक्स का मिक्सचर देखने को मिलता है.
'शानविका' के किरदार में संचिता बसु ने फिर मारी बाजी
अभिनय की बात करें तो संचिता बसु ने 'शानविका चौहान' के रूप में पहले से कहीं ज्यादा धाकड़ और दमदार परफॉर्मेंस दी है. इस सीजन में वह सत्ता के बेरहम गलियारों में अपने दुश्मनों को धूल चटाती नजर आती हैं. वह राजनीति के नियमों को अपने हिसाब से बदलती हैं, भले ही इसके लिए उन्हें अपने ही रिश्तों की बलि क्यों न चढ़ानी पड़े.
अपने किरदार पर बात करते हुए खुद संचिता बसु ने बताया कि सीजन 2 शानविका को एक ऐसे मोड़ पर ले जाता है जो भावनात्मक रूप से बेहद अप्रत्याशित है. वह अब पहले से कहीं ज्यादा सतर्क है और इस उलझन में है कि जब खेल में सत्ता और धोखा शामिल हो जाए, तो प्यार के क्या मायने रह जाते हैं.
सिर्फ 4 एपिसोड में खेल खत्म, देखें या छोड़ दें?
डायरेक्टर श्रद्धा पासी जयरथ ने सीरीज की रफ्तार को काफी तेज रखा है. महज 4 एपिसोड के इस सीजन को आप एक ही बार में (Binge-watch) खत्म कर सकते हैं. हालांकि, कुछ मौकों पर कहानी थोड़ी प्रेडिक्टेबल यानी जानी-पहचानी लगती है और ऐसा महसूस होता है कि पिछले सीजन के ही कुछ हिस्सों को खींचकर बड़ा किया गया है. इसके बावजूद, अगर आपको देसी अंदाज वाला पॉलिटिकल थ्रिलर और वेंजेंस ड्रामा पसंद है, तो कलाकारों की दमदार एक्टिंग के लिए इसे एक बार देखा जा सकता है.