10वीं पास भी अब बन सकेंगे आयुर्वेदिक डॉक्टर: शुरू हुआ 7 साल का विशेष BAMS कोर्स, NEET PA परीक्षा होगी अनिवार्य

10वीं पास भी अब बन सकेंगे आयुर्वेदिक डॉक्टर: शुरू हुआ 7 साल का विशेष BAMS कोर्स, NEET PA परीक्षा होगी अनिवार्य

भारतीय चिकित्सा पद्धति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। अब 10वीं कक्षा पास करने वाले मेधावी छात्र भी आयुर्वेदिक डॉक्टर (BAMS) बनने का अपना सपना पूरा कर सकेंगे। नए नियमों के अनुसार, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष 7 वर्षीय एकीकृत (Integrated) बीएएमएस कोर्स की शुरुआत की गई है, जो सीधे 10वीं के बाद छात्रों को चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर प्रदान करेगा।

NEET PA परीक्षा से मिलेगा सीधा दाखिला

इस विशेष 7 साल के पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को एक नई प्रवेश परीक्षा 'NEET PA' (नीट प्री-आयुर्वेद) पास करनी होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और आयुष मंत्रालय के समन्वय से आयोजित होने वाली यह परीक्षा विशेष रूप से 10वीं स्तर के विज्ञान और बुनियादी विषयों पर आधारित होगी। इस परीक्षा को पास करने वाले छात्रों को सीधे इस इंटीग्रेटेड कोर्स में सीट आवंटित की जाएगी, जिसमें शुरुआती दो वर्ष फाउंडेशन (11वीं-12वीं स्तर के समकक्ष और बुनियादी आयुर्वेद) के होंगे और अगले 5 वर्ष मुख्य बीएएमएस शिक्षा और इंटर्नशिप के लिए निर्धारित होंगे।

किन छात्रों को मिलेगा इस ऐतिहासिक कोर्स का फायदा

यह अनूठा कोर्स मुख्य रूप से उन छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो अपनी स्कूली शिक्षा के बाद से ही आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा प्रणालियों में गहरी रुचि रखते हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों और गुरुकुल या पारंपरिक संस्कृत विद्यालयों से माध्यमिक शिक्षा पूरी करने वाले उम्मीदवारों को इससे विशेष लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि कम उम्र से ही छात्रों को आयुर्वेद के सिद्धांतों, जड़ी-बूटियों की पहचान और प्राचीन संहिताओं का गहन ज्ञान दिया जाए ताकि वे भविष्य में देश-विदेश में आयुर्वेद का नाम रोशन कर सकें।

 

Latest Posts