UP में सरकारी कर्मचारियों की 'फर्जी हाजिरी' का खेल खत्म! अब चेहरा दिखाते ही लगेगी अटेंडेंस, योगी सरकार का बड़ा फरमान
उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में अब सरकारी बाबू और कर्मचारी चाहकर भी अपनी उपस्थिति को लेकर हेरफेर नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश सरकार ग्राम पंचायत सचिवालयों में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और हाईटेक बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। पंचायतीराज विभाग ने अब सीधे 'फेसियल रिकग्निशन' (चेहरा पहचान) तकनीक के जरिए कर्मचारियों की हाजिरी दर्ज करने का फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया है, जिसके निर्देश सभी जिलों को तत्काल प्रभाव से भेज दिए गए हैं।
पंचायत सचिवालयों के डेस्कटॉप और वेबकैम होंगे एक्टिव
इस हाईटेक व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए यूपी के हर ग्राम पंचायत सचिवालय को डिजिटल रूप से अपग्रेड किया जा रहा है। विभाग ने सख्त लहजे में जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सचिवालयों में पहले से मौजूद डेस्कटॉप कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन और वेबकैम को तुरंत पूरी तरह चालू (कार्यशील) किया जाए। तय समयसीमा के भीतर सभी उपकरणों की टेक्निकल जांच पूरी कर ली जाएगी ताकि किसी भी कर्मचारी को डिजिटल अटेंडेंस दर्ज करने में रुकावट न आए।
चेहरा पहचानते ही कंप्यूटर पर दर्ज होगी आपकी उपस्थिति
नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब जैसे ही कोई पंचायत कर्मचारी सचिवालय पहुंचेगा, उसे वहां लगे वेबकैम के सामने आना होगा। सिस्टम कर्मचारी के चेहरे को स्कैन करेगा और पहचान सही होने पर ही उसकी उपस्थिति स्वतः (ऑटोमैटिक) ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज हो जाएगी। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोई भी दूसरा व्यक्ति किसी और की फर्जी हाजिरी या 'प्रॉक्सी' नहीं लगा सकेगा, जिससे दफ्तरों से गायब रहने वाले कर्मचारियों पर नकेल कसेगी।
लखनऊ में बैठे बड़े अफसर करेंगे ऑनलाइन निगरानी
इस नई डिजिटल हाजिरी प्रणाली की सबसे खास बात यह है कि इसकी मॉनिटरिंग बेहद सख्त होगी। कर्मचारियों की इस फेसियल अटेंडेंस की लाइव निगरानी जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और संबंधित सहायक विकास अधिकारी (ADO पंचायत) सीधे एक ऑनलाइन डैशबोर्ड के जरिए करेंगे। अफसरों के पास हर सेकंड का डेटा रहेगा कि कौन सा कर्मचारी समय पर आया और कौन गायब है। बिना पूर्व सूचना के गायब रहने वाले या सिस्टम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।