मंदिर में चोरी; लाठियां लेकर भिड़ गए पुजारी और दो जांबाज बेटे, बदमाशों ने हथियार तानकर लूटी 7 किलो चांदी
राजस्थान के पाली जिले के तखतगढ़ थाना क्षेत्र से एक बेहद दुस्साहसिक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ पावा गांव में स्थित प्राचीन महादेव मंदिर में बुधवार देर रात हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोलकर लूटपाट की।
मंदिर में चोरी की नीयत से दाखिल हुए इन खतरनाक डकैतों का मंदिर के पुजारी, उनके बेटे और भांजे ने अपनी जान की परवाह न करते हुए लाठियों से बहादुरी से सामना किया। लेकिन बदमाशों ने पिस्टल निकालकर तीनों की कनपटी पर तान दी और जान से मारने की धमकी देकर भगवान के करीब सात किलो चांदी के छत्र और मुकुट लूटकर फरार हो गए। यह पूरी खौफनाक वारदात मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।
छत पर सो रहे भांजे ने चोरों को देख बनाया वीडियो, मामा को फोन कर जगाया
महादेव मंदिर के पुजारी भरत गोस्वामी (40) ने पुलिस को आपबीती बताते हुए कहा कि बुधवार रात वह अपने 19 वर्षीय बेटे गौरव गोस्वामी के साथ मंदिर परिसर में बने नीचे के कमरे में सो रहे थे। वहीं उनका भांजा निलेश गोस्वामी (19) भीषण गर्मी के कारण मंदिर की खुली छत पर सोया हुआ था। देर रात करीब दो से तीन बजे के बीच मंदिर के मुख्य गर्भगृह का ताला तोड़ने की जोरदार आवाज सुनकर निलेश की आंख खुल गई।
उसने जब नीचे झांककर देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई; दो नकाबपोश बदमाश मंदिर के अंदर आभूषण समेट रहे थे। जांबाज निलेश ने बिना डरे तुरंत अपने मोबाइल से बदमाशों का वीडियो बनाया और नीचे सो रहे अपने मामा भरत गोस्वामी को फोन कर अंदर चोर घुसने की लाइव लोकेशन दी।
लाठियों से बदमाशों पर टूटे पुजारी, डकैतों ने पिस्टल तानकर कहा— 'पीछे हटो, नहीं तो ठोक दूंगा'
चोरी की सटीक सूचना मिलते ही पुजारी भरत गोस्वामी, उनका बेटा गौरव और भांजा निलेश हाथों में मजबूत लाठियां लेकर तुरंत गर्भगृह की तरफ दौड़े और निहत्थे ही बदमाशों पर टूट पड़े। तीनों वीरों ने मिलकर बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया और मुकाबला शुरू किया।
इस दौरान पुजारी ने अपनी लाठी से एक नकाबपोश बदमाश की पीठ पर जोरदार प्रहार भी किया, जिससे वह लड़खड़ा गया। अपने साथी को पिटता देख पीछे छिपकर खड़े एक अन्य तीसरे नकाबपोश बदमाश ने अचानक अपनी जेब से लोडेड पिस्टल (हथियार) निकाल ली। उसने पिस्टल तीनों की तरफ तानते हुए कड़े लहजे में घोर घुड़की दी कि, "सब के सब चुपचाप पीछे हट जाओ, नहीं तो यहीं खोपड़ी में गोली मार दूंगा।" अचानक सामने मौत का सामान देखकर पुजारी और दोनों नौजवानों को मजबूरन कदम पीछे खींचने पड़े।