अयोध्या राम मंदिर में महाघोटाला: 48 दिनों में 70 बार चोरी, इन चीजों में छिपाकर ले जाते थे नोट
यूपी के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर से आस्था को झकझोर देने वाली एक बहुत सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रामलला के दरबार में आने वाले चढ़ावे की कथित चोरी और करोड़ों रुपये के गबन के प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में ऐसे खुलासे किए हैं, जिसने राम मंदिर ट्रस्ट से लेकर पूरे देश के श्रद्धालुओं को सन्न कर दिया है।
जांच टीम ने अपनी शुरुआती तफ्तीश में पाया है कि मंदिर परिसर में चढ़ावे की गिनती और उसके रखरखाव को लेकर बेहद गंभीर और हैरान करने वाली गड़बड़ियां की जा रही थीं।
सबसे बड़ी बात ये है कि नोटों की गिनती करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखने वाले सुरक्षा तंत्र में भारी चूक हुई और तय प्रोटोकॉल्स को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। अफसरों ने अपनी ये प्रारंभिक जांच रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला 15 जुलाई को आने वाली फाइनल रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा।
48 दिनों में 70 बार चोरी
एसआईटी की इस शुरुआती रिपोर्ट में जो बातें सामने आई हैं, वे किसी को भी हैरान कर सकती हैं। जांच टीम ने जब 27 अप्रैल से लेकर 5 जून तक के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला, तो कैमरे में कैद दृश्यों ने सच उगल दिया।
फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि गिनती कक्ष (Counting Room) के भीतर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी कई मौकों पर बेहद शातिर तरीके से नोटों की गड्डियां और खुली नकदी अपने कपड़ों, पैंट की जेबों, बनियान और यहां तक कि अपने जूतों के भीतर छिपा रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, महज 48 दिनों के भीतर ऐसी लगभग 70 संदिग्ध घटनाओं को अंजाम दिया गया। एसआईटी का स्पष्ट कहना है कि यह कोई अचानक हुई गलती नहीं थी, बल्कि यह कई दिनों से बेहद सुनियोजित तरीके से लगातार चलाई जा रही चोरी की एक पूरी प्रक्रिया थी।
पुराना डेटा गायब: पहले भी बड़े पैमाने पर चोरी की आशंका
इस पूरे केस में एक और बेहद चिंताजनक बात सामने आई है। जांच टीम को 27 अप्रैल से पहले का कोई भी सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल सका है। पूछताछ में पता चला कि सीमित डिजिटल स्टोरेज कैपेसिटी होने के कारण पुराना बैकअप अपने आप डिलीट (ऑटो-डिलीट) हो गया। ऐसे में एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में अंदेशा जताया है कि मंदिर में इस तरह की बड़ी चोरी पिछले काफी लंबे समय से और बहुत बड़े पैमाने पर अनवरत चल रही होगी, जिसका कोई रिकॉर्ड अब उपलब्ध नहीं है।