राहुल गांधी को 'भगवान परशुराम' बताने पर भड़के मंत्री मनोज पांडेय, बोले— 'यह करोड़ों सनातनियों का अपमान'
कांग्रेस के दिग्गज नेता और लोकसभा में विपक्ष के पूर्व नेता राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी से शुरू हुआ पोस्टर विवाद अब एक बड़े राष्ट्रव्यापी सियासी संग्राम में तब्दील हो चुका है। वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में दर्शाने वाले एक विवादित पोस्टर का सार्वजनिक रूप से जलाभिषेक किया गया था। इस घटना के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उत्तर प्रदेश सरकार ने कांग्रेस सहित समूचे विपक्षी गठबंधन (INDIA Alliance) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भगवान विष्णु के छठे अवतार से राजनेता की तुलना पर भारी आक्रोश
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि राहुल गांधी को साक्षात् भगवान परशुराम के स्वरूप में प्रदर्शित करना देश और दुनिया के करोड़ों सनातनी हिंदुओं की धार्मिक आस्था पर गहरी चोट है। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भगवान परशुराम हिंदू समाज की अगाध श्रद्धा के केंद्र हैं और वे भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में पूजे जाते हैं, ऐसे में किसी राजनीतिक लाभ के लिए उनकी तुलना किसी इंसान से करना बेहद निंदनीय है।
'मौन रहने का मतलब सहमति'— यूपी सरकार ने राहुल गांधी से मांगा सीधा जवाब
मंत्री मनोज पांडेय ने कांग्रेस आलाकमान से इस संवेदनशील धार्मिक मुद्दे पर तुरंत अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनेता को भगवान के रूप में दिखाना और फिर उसका सार्वजनिक मंच पर जलाभिषेक करना आम जनता की धार्मिक भावनाओं को भड़काने जैसा है। उन्होंने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को खुद देश के सामने आकर यह बताना चाहिए कि क्या वे अपने कार्यकर्ताओं की इस हरकत का समर्थन करते हैं या इसकी सार्वजनिक रूप से निंदा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी इस पूरे मामले पर मौन साधे रहते हैं, तो देश की जनता उनकी इस चुप्पी को उनकी लिखित सहमति के रूप में ही स्वीकार करेगी।
सत्ता की मलाई के लिए सनातन धर्म को विवादों में घसीटने का आरोप
विपक्षी गठबंधन पर चौतरफा हमला बोलते हुए यूपी के मंत्री ने आरोप लगाया कि आईएनडीआईए (INDIA) गठबंधन सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक और सत्ता की राजनीति के लिए बार-बार सनातन धर्म, हिंदू देवी-देवताओं और पूजनीय महापुरुषों को जानबूझकर विवादों के घेरे में घसीटता है। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सनातन धर्म और संस्कृति ही भारतवर्ष की असली पहचान, गौरवशाली परंपरा और अटूट आधार है। देश की जागरूक जनता अपनी आस्था का ऐसा भद्दा खिलवाड़ कभी भी स्वीकार नहीं करेगी और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब भी देगी।