रोहित-कोहली 2027 का विश्वकप खेलेंगे या नहीं, इंग्लैंड दौरा तय करेगा तकदीर

रोहित-कोहली 2027 का विश्वकप खेलेंगे या नहीं, इंग्लैंड दौरा तय करेगा तकदीर

भारतीय क्रिकेट के दो सबसे मजबूत स्तंभ—विराट कोहली और रोहित शर्मा—इस समय अपने करियर के सबसे नाजुक मोड़ पर खड़े हैं। साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में ये दोनों दिग्गज मैदान पर उतरेंगे या नहीं, इसे लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। बीसीसीआई (BCCI) के चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट इस संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि रोहित और विराट खुद 2027 वर्ल्ड कप खेलने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। केवल एक फॉर्मेट (वनडे) में सक्रिय होने के कारण अब इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों की फिटनेस और फॉर्म पर लगातार सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

फिटनेस टेस्ट की 'अग्निपरीक्षा': कड़े नियमों के चक्रव्यूह में फंसे दिग्गज

टीम इंडिया में अब जगह पक्की करने के लिए कड़े फिटनेस पैमानों से गुजरना पड़ रहा है। हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ संपन्न हुई वनडे सीरीज में कप्तान रोहित शर्मा फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद ही मैदान पर उतर सके थे। वहीं, आगामी इंग्लैंड दौरे को लेकर विराट कोहली के सामने भी चयनकर्ताओं ने यही सख्त शर्त रखी है; 'किंग कोहली' अगर फिटनेस टेस्ट पास करते हैं, तभी वह चयन के लिए उपलब्ध हो पाएंगे। केवल सीमित ओवरों के खेल में एक्टिव रहने के कारण मैच फिटनेस को बरकरार रखना इन दोनों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।

ऑस्ट्रेलिया की हार और आलोचकों का वार: विदेशी पिचों पर साख की लड़ाई

पिछले साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शुभमन गिल की कप्तानी में भारत को 1-2 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उस विदेशी दौरे के बाद अब इंग्लैंड दौरा टीम इंडिया की अगली बड़ी चुनौती है। ऑस्ट्रेलिया में विराट कोहली शुरुआती दो मैचों में शून्य (0) पर आउट हुए, तो आलोचकों ने उनके संन्यास तक की मांग कर डाली थी, हालांकि आखिरी मैच में 74 रनों की जुझारू पारी खेलकर उन्होंने फॉर्म में वापसी के संकेत दिए। दूसरी ओर, रोहित शर्मा का बल्ला वहां चला था, जहां उन्होंने आखिरी वनडे में नाबाद 121 रन ठोके थे। घरेलू पिचों पर शेर साबित होने वाले इन दिग्गजों का असली टेस्ट अब फिर से विदेशी सरजमीं पर होने जा रहा है।

विदेशी पिचों की चुनौती: इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड (SENA देश) की पिचें भारत से बिल्कुल जुदा हैं। लाख कोशिशों के बावजूद यहाँ की बाउंस और लैटरल मूवमेंट (स्विंग) भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करती है। सबसे बड़ी मुसीबत यहाँ की बड़ी बाउंड्रीज हैं—जो शॉट भारत में आसानी से स्टैंड्स में गिरते हैं, वे इन देशों में सीमा रेखा पर कैच आउट में तब्दील हो जाते हैं।

हर सीरीज अब 'करो या मरो': साउथ अफ्रीका की तेज पिचें और 2027 का लक्ष्य

चयनकर्ताओं के रुख को देखते हुए रोहित और विराट को अब हर आगामी सीरीज को अपने करियर की 'आखरी सीरीज' मानकर खेलना होगा। जब तक मैनेजमेंट उन्हें 2027 वर्ल्ड कप के लिए लिखित आश्वासन नहीं दे देता, तब तक एक भी खराब सीरीज उनके करियर पर ब्रेक लगा सकती है। गौर करने वाली बात यह है कि 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे में होना है, जहां की पिचें अपनी रफ्तार और खतरनाक बाउंस के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में इन पिचों पर खुद को साबित करना दोनों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।

गंभीर का 'प्लान-बी' तैयार: जायसवाल और ईशान किशन देने लगे हैं कड़ी टक्कर

मुख्य कोच गौतम गंभीर की अगुवाई में टीम इंडिया ने भविष्य की तैयारी (Transition Phase) शुरू कर दी है। रोहित और विराट के विकल्प (Backup) के रूप में यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन का दावा बेहद मजबूत हो चुका है। यशस्वी जायसवाल ने पिछले तीन वनडे मैचों में 2 धमाकेदार शतक जड़कर यह साबित कर दिया है कि वह रोहित शर्मा के बाद ओपनिंग की कमान संभालने के लिए तैयार हैं, हालांकि उन्हें इंग्लैंड दौरे पर आराम दिया गया है। वहीं ईशान किशन विकेटकीपिंग के साथ-साथ ओपनिंग से लेकर नंबर 3 और 4 पर बल्लेबाजी करने का लचीलापन (Flexibility) प्रदान करते हैं। इन युवाओं का शानदार फॉर्म संकेत दे रहा है कि 'रो-को' (Ro-Ko) युग के बाद भी भारतीय बैटिंग लाइन-अप पूरी तरह सुरक्षित है।

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