आखिरी साबित हुई अनामिका से मां की सुबह की बात: लखनऊ अग्निकांड ने हमेशा के लिए तोड़ दिया मां-बेटी की बातचीत का सिलसिला

आखिरी साबित हुई अनामिका से मां की सुबह की बात: लखनऊ अग्निकांड ने हमेशा के लिए तोड़ दिया मां-बेटी की बातचीत का सिलसिला

लखनऊ/कोलकाता : लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड (Lucknow Fire Tragedy) ने न सिर्फ 15 मासूमों की जिंदगी छीन ली, बल्कि देश के अलग-अलग कोनों में रहने वाले उनके परिवारों के सपनों को भी जिंदा जला दिया। इस दिल दहला देने वाले हादसे का शिकार हुईं 30 वर्षीय अनामिका सामंत की कहानी सुनकर हर किसी की आंखें नम हैं।

अनामिका की मां के लिए सोमवार की सुबह फोन पर हुई बातचीत उनके जीवन की आखिरी बातचीत साबित हुई, जिसके बाद मां-बेटी के बीच का यह अटूट सिलसिला हमेशा-हमेशा के लिए थम गया।

मनाली की यादें अब दे रही हैं गहरे जख्म

अनामिका मूल रूप से पश्चिम बंगाल के कोलकाता (बेहाला) की रहने वाली थीं और पिछले तीन सालों से लखनऊ में रहकर काम कर रही थीं। उनके पिता विश्वनाथ सामंत, मां सुलेखा, भाई आकाश और चाचा पलाश कोलकाता पुलिस से मिली इस मनहूस खबर के बाद मंगलवार (23 जून 2026) को लखनऊ पहुंचे। परिवार को उम्मीद थी कि शायद कोई चमत्कार हो गया हो, लेकिन शव गृह (पोस्टमार्टम हाउस) पहुंचते ही उनके सामने एक भयानक और क्रूर सच्चाई खड़ी थी।

अनामिका के शव की पहचान करने के दर्दनाक अनुभव को साझा करते हुए एक रिश्तेदार ने बताया, "उसका पूरा शरीर बुरी तरह जल चुका था, सिर्फ चेहरा ही बचा था जिससे हम उसे पहचान पाए।"

यह दुख सामंत परिवार के लिए इसलिए भी असहनीय है क्योंकि अभी कुछ हफ्ते पहले ही (जून की शुरुआत में) पूरा परिवार एक साथ मनाली घूमने गया था। वहां हंसती-मुस्कुराती अनामिका के साथ बिताए पल अब परिवार को खून के आंसू रुला रहे हैं।

सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर भी निभाती थीं जिम्मेदारी

रिश्तेदारों ने बताया कि अनामिका एक बेहद समझदार और देखभाल करने वाली बेटी थीं। काम के सिलसिले में घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद वह अपने परिवार के एक-एक सदस्य का पूरा ख्याल रखती थीं। कोलकाता में उनके घर पर रोज सुबह की शुरुआत अनामिका की पहली फोन कॉल से होती थी, जो उनकी मां सुलेखा सामंत के लिए एक प्यारी आदत बन चुकी थी।

बिलखती मां सुलेखा ने कहा, "उसने सोमवार सुबह ही मुझसे बात की थी। हम रोज बात करते थे। मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह हमारी आखिरी बातचीत होगी।" परिवार इस साल अनामिका की शादी की तैयारियां भी कर रहा था। लखनऊ में सभी जरूरी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिवार शव को पश्चिम बंगाल ले जाने की तैयारी कर रहा है। अनामिका का अंतिम संस्कार हावड़ा जिले में उनके पैतृक गांव 'गढ़बालिया' में किया जाएगा, जहां ग्रामीण और रिश्तेदार गमगीन माहौल में उनके अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे हैं।

केजीएमयू (KGMU) में घायलों का इलाज जारी, SIT जांच तेज

सोमवार को अलीगंज की चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी इस भयंकर आग के बाद बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। धुआं और लपटें इतनी तेज थीं कि छात्र और स्टाफ अंदर ही फंस गए, जिससे 15 युवाओं की मौत हो गई। कई अन्य झुलसे हुए लोगों का इलाज किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) लखनऊ में चल रहा है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमें लगातार घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वाले और इस अवैध इमारत को संरक्षण देने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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