एटा में आधी रात को 'आशिकी' के चक्कर में मर्डर: महिला मित्र से मिलने आया था सेल्समैन, चोर समझकर पकड़ा तो मार दी गोली
उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के अंतर्गत आने वाले अलीगंज क्षेत्र के साडरपुर गांव में 11 दिन पहले हुए बहुचर्चित आशीष हत्याकांड का स्थानीय पुलिस ने बेहद चौंकाने वाला पर्दाफाश किया है। पुलिस तफ्तीश में जो हकीकत सामने आई है, उसने पूरे इलाके के लोगों को सन्न कर दिया है। साडरपुर गांव में हुई आशीष की हत्या किसी पुरानी रंजिश या दुश्मनी में नहीं, बल्कि आधी रात को 'आशिकी' के चक्कर में पकड़े जाने और समाज में बदनामी के डर से की गई थी। पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी को आलाकत्ल (तमंचे और कारतूस) के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दिव्यांग पत्नी को शौच कराकर लौट रहे आशीष को घर के पास मारी थी गोली
इस खौफनाक वारदात की शुरुआत नौ जून की रात को हुई थी, जब साडरपुर गांव का रहने वाला आशीष अपनी दिव्यांग पत्नी को शौच कराने के लिए पास के खेत में ले गया था। खेत से वापस लौटते समय घर के ठीक बाहर अंधेरे में घात लगाए बैठे एक शख्स ने आशीष को बेहद करीब से गोली मार दी थी। गोली की आवाज सुनकर दौड़े परिजन लहूलुहान हालत में आशीष को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मृतक के भाई मुलायम सिंह की तहरीर पर अलीगंज थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
सर्विलांस और स्वाट टीम की जांच में खुला राज, अमरौली का सेल्समैन निकला कातिल
ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री बन चुके इस केस को सुलझाने के लिए एटा पुलिस कप्तान के निर्देश पर अलीगंज पुलिस के साथ-साथ स्वाट (SWAT) और सर्विलांस टीम को संयुक्त रूप से लगाया गया। घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मुखबिरों से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस की सुई अमरौली गांव के रहने वाले किशोर कुमार पर आकर टिक गई। पुलिस ने जब घेराबंदी करके किशोर कुमार को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी बयां कर दी।
'चोर-चोर' का शोर सुनते ही घबराया आशिक, बदनामी और पिटाई के डर से दबाया ट्रिगर
गिरफ्तार आरोपी किशोर कुमार ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह एक सरकारी देसी शराब के ठेके पर सेल्समैन के रूप में काम करता है। साडरपुर गांव की एक शादीशुदा महिला के साथ उसके पिछले काफी समय से अवैध संबंध थे। आठ जून की रात को दोनों के बीच फोन पर मिलने का समय तय हुआ था। दुकान बंद करने के बाद किशोर देर रात महिला के घर पहुंचा, लेकिन काफी देर खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला और महिला ने डर के मारे फोन भी नहीं उठाया, जिसके बाद निराश होकर किशोर दबे पांव वापस लौटने लगा।
इसी दौरान रास्ते में अचानक उसकी मुठभेड़ आशीष से हो गई। अनजान शख्स को आधी रात के वक्त गांव की गलियों में संदिग्ध हालत में घूमता देख आशीष ने उसे कसकर पकड़ लिया और 'चोर-चोर' चिल्लाते हुए अपने चाचा को आवाज देने लगा। किशोर ने पुलिस को बताया कि उसे लगा कि अगर ग्रामीण इकट्ठा हो गए, तो उसकी जमकर पिटाई होगी और महिला के साथ उसके प्रेम प्रसंग का भंडाफोड़ भी हो जाएगा। इसी बदनामी और मार खाने के खौफ में आकर उसने अपनी कमर में खोंसा हुआ अवैध तमंचा निकाला और आशीष के सीने में गोली दाग दी।