सपा के पूर्व विधायक के ठिकानों पर छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला

सपा के पूर्व विधायक के ठिकानों पर छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला

उत्तर प्रदेश की राजनीति और कूटनीतिक हलकों से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर आ रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (8 जुलाई, 2026) सुबह तड़के समाजवादी पार्टी (सपा) के दिग्गज नेता और पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव व उनसे जुड़े करीबी व्यवसायियों के खिलाफ एक साथ बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया है।

मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन निवारण अधिनियम - PMLA) के तहत की जा रही यह व्यापक छापेमारी उत्तर प्रदेश के झांसी और राजधानी लखनऊ में कई वीआईपी ठिकानों पर एक साथ चल रही है, जिससे इलाके में भारी हड़कंप मच गया है।

झांसी से लखनऊ तक हड़कंप: गरुठा के पूर्व विधायक पर कसा ईडी का शिकंजा

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी की टीमों ने झांसी जिले की गरुठा विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के आवास, कार्यालयों और उनके व्यावसायिक साझेदारों के ठिकानों पर एक साथ दस्तक दी। केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में ईडी के अधिकारी दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद सपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है।

आय से अधिक संपत्ति का मामला: सतर्कता ब्यूरो की एफआईआर के बाद शुरू हुई जांच

सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ ईडी की यह बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश सतर्कता ब्यूरो (Vigilance Bureau) द्वारा दर्ज की गई एक मूल एफआईआर (FIR) और 23 अन्य गंभीर शिकायतों के आधार पर शुरू हुई है। सतर्कता ब्यूरो ने पूर्व विधायक पर कथित तौर पर अपनी वैध आय से कई गुना अधिक 'अनुपातहीन संपत्ति' (Disproportionate Assets) अर्जित करने का केस दर्ज किया था। इसी एफआईआर को आधार बनाते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का आपराधिक नेटवर्क खंगालना शुरू कर दिया है।

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