सीएम धामी के 5 साल: 'दिन-महीने नहीं गिने, सिर्फ जनता की सेवा की', ऋषिकेश से किया बड़ा एलान
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के 5 सफल वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर ऋषिकेश में आयोजित 'जन जन की सरकार, जन जन के द्वार' कार्यक्रम में सीएम धामी का एक बेहद भावुक और जन-केंद्रित अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने देवभूमि की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उनका यह कार्यकाल उपलब्धियों के आंकड़ों से कहीं अधिक जनता की निस्वार्थ सेवा पर केंद्रित रहा है।
उन्होंने कहा, "मैं मां गंगा और भगवान शिव को साक्षी मानकर कहता हूं कि इन पांच वर्षों के दौरान मैंने कभी एक भी दिन, महीना या साल नहीं गिना। मेरा एकमात्र संकल्प और प्रतिबद्धता सिर्फ और सिर्फ उत्तराखंड की जनता के कल्याण के लिए काम करना रहा है।"
आपदा में मिला पीएम मोदी का साथ, सीएम ने जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौर में राज्य को निरंतर सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का उत्तराखंड और यहाँ की जनता के साथ हमेशा से एक गहरा और भावनात्मक संबंध रहा है। इसी विशेष लगाव के कारण केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में कई बड़ी और ऐतिहासिक विकास परियोजनाओं को रफ्तार मिली है, जिससे उत्तराखंड आज प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यूसीसी से लेकर नकल-रोधी कानून तक: धामी सरकार के ऐतिहासिक फैसले
अपनी सरकार की 5 वर्षों की बड़ी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सुशासन को मजबूत करने और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए कई कड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। देवभूमि के इतिहास में इन फैसलों को मील का पत्थर माना जा रहा है:
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समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड में यूसीसी का सफल कार्यान्वयन।
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सख्त नकल-रोधी कानून: युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे मजबूत कानून।
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धर्मांतरण-रोधी कानून: राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए सख्त कदम।
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मजबूत भूमि कानून: उत्तराखंड की जमीनों और स्थानीय अधिकारों का संरक्षण।
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अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण: मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन सभी ऐतिहासिक सुधारों ने राज्य की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का काम किया है।
34,000 युवाओं को सरकारी नौकरी और महिला सशक्तिकरण पर जोर
रोजगार और महिला सशक्तिकरण को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए सीएम धामी ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में पूरी तरह पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इसके साथ ही, उत्तराखंड की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण लागू किया गया है।
राज्य में निवेश आकर्षित करने, सड़कों के जाल को बिछाने और धार्मिक बुनियादी ढांचे (Char Dham Infrastructure) को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यटन, सौर ऊर्जा, होमस्टे योजना और स्वरोजगार को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिली है। रिकॉर्ड संख्या में आ रहे पर्यटकों और 'हाउस ऑफ हिमालय' जैसे ब्रांडेड कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को अब वैश्विक बाजार मिल रहा है।
'जन जन की सरकार, जन जन के द्वार' के दूसरे चरण का शंखनाद
अपने 5 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'जन जन की सरकार, जन जन के द्वार' अभियान के दूसरे चरण का भव्य शुभारंभ किया। इस जनसंपर्क अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकार और प्रशासन को सीधे जनता की चौखट तक ले जाना है।