अमेरिका में युवक की खौफनाक करतूत: शादी के 4 महीने बाद पत्नी का गला घोंटा, फिर भारत में बैठी GF को भेजी शव की तस्वीर
अमेरिका के वाशिंगटन राज्य में सामने आए एक हत्या के मामले ने जांच एजेंसियों के साथ-साथ प्रवासी भारतीय समुदाय का भी ध्यान खींचा है। इस केस में पुलिस का दावा है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल रिकॉर्ड ने ऐसी कड़ियां जोड़ीं जिनकी मदद से जांच तेजी से आगे बढ़ी।
आरोप एक 30 वर्षीय भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर अविनाश नार्ने पर है। उस पर अपनी पत्नी राजिता सब्बिनेनी की हत्या करने का आरोप लगाया गया है। दोनों की अरेंज मैरिज को केवल चार महीने ही हुए थे। जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर आरोपी ने घटना के बाद पत्नी के शव की तस्वीर भारत में मौजूद अपनी कथित प्रेमिका को व्हाट्सएप पर भेजी थी।
अपार्टमेंट से मिला था महिला का शव
यह मामला तेलंगाना के रहने वाले अविनाश नार्ने और 27 वर्षीय राजिता सब्बिनेनी से जुड़ा है। अक्टूबर 2025 में वाशिंगटन के बेलेव्यू स्थित वुडलैंड कॉमन्स अपार्टमेंट में राजिता मृत मिली थीं। शुरुआत में पुलिस को सूचना दी गई कि वह बाथरूम के अंदर हैं और कोई जवाब नहीं दे रही हैं।
911 पर कॉल के बाद पुलिस और अन्य आपातकालीन कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जब दरवाजा खोला गया तो राजिता बाथरूम के फर्श पर पड़ी मिलीं। जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती जानकारी से मामला सामान्य मौत जैसा दिख रहा था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी जांच की दिशा
अविनाश ने पुलिस को बताया था कि वह ऑफिस से लौटने के बाद घर पहुंचे और पत्नी को उसी हालत में पाया। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला पूरी तरह बदल गया।
किंग काउंटी मेडिकल एग्जामिनर की रिपोर्ट में कहा गया कि राजिता की मौत गला दबाने से हुई और दम घुटना मौत का कारण था। इसके बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मौत की बजाय हत्या की जांच के रूप में दर्ज कर लिया और सबूत जुटाने का काम तेज कर दिया।
स्मार्ट डोर लॉक और व्हाट्सएप चैट बने अहम सबूत
जांच के दौरान पुलिस ने कई डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की। इन्हीं सबूतों ने पूरे मामले की तस्वीर साफ करने में बड़ी भूमिका निभाई।
स्मार्ट डोर लॉक रिकॉर्ड: अपार्टमेंट के इलेक्ट्रॉनिक डोर लॉक से मिले डेटा के अनुसार जिस समय मौत हुई उस दौरान अविनाश के अलावा कोई अन्य व्यक्ति घर में दाखिल नहीं हुआ था।
फोन कॉल और व्हाट्सएप चैट: जांच एजेंसियों के अनुसार घटना वाले दिन अविनाश ने भारत में मौजूद अपनी कथित प्रेमिका से चार बार लंबी बातचीत की। आरोप है कि अगले दिन उसने राजिता के शव की तस्वीर भी व्हाट्सएप के जरिए भेजी।
डिलीट फोटो का जिक्र: पूछताछ के दौरान अविनाश ने कथित रूप से एक ऐसी तस्वीर का उल्लेख किया जिसे पहले डिलीट किया जा चुका था। पुलिस ने इसे भी अपने केस का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
अदालत में आरोपी ने आरोपों से किया इनकार
मामले की सुनवाई के दौरान वाशिंगटन राज्य की अदालत में अविनाश नार्ने ने फर्स्ट-डिग्री मर्डर के आरोपों को स्वीकार नहीं किया और खुद को निर्दोष बताया। सुनवाई के दौरान उसने अदालत से मीडिया कैमरों को हटाने का अनुरोध भी किया लेकिन न्यायाधीश ने यह मांग अस्वीकार कर दी।
अदालत ने आरोपी का पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया है। साथ ही 50 लाख अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 48 करोड़ रुपये की जमानत राशि को बरकरार रखा गया है। अमेरिकी नागरिक न होने और इतनी बड़ी जमानत राशि जमा न कर पाने के कारण वह फिलहाल किंग काउंटी जेल में बंद है।
दोष साबित होने पर हो सकती है उम्रकैद
वाशिंगटन राज्य के कानून के अनुसार यदि अदालत में अविनाश नार्ने के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित हो जाते हैं तो उसे आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। फिलहाल मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी है और जांच एजेंसियां अदालत में डिजिटल और फॉरेंसिक सबूत पेश कर रही हैं।