TCS का ग्लोबल जलवा: कनाडा लाइफ के साथ की बड़ी 'मल्टीमिलियन-यूरो' डील, यूरोप में अब टाटा के AI का बजेगा डंका
भारतीय आईटी जगत की सिरमौर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने ग्लोबल लाइफ और पेंशन इंश्योरेंस की दिग्गज कंपनी 'कनाडा लाइफ' के साथ एक महत्वपूर्ण बहुवर्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस 'मल्टीमिलियन-यूरो' डील के साथ ही टीसीएस अब यूरोप के बीमा बाजार में अपनी धाक जमाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस साझेदारी का मुख्य केंद्र टीसीएस की अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल तकनीक है, जिसके जरिए कनाडा लाइफ के यूरोपीय कारोबार का कायाकल्प किया जाएगा।
एआई (AI) से होगा कायाकल्प, ग्राहकों को मिलेगी राहत
इस समझौते के तहत टीसीएस कनाडा लाइफ के डेटा सेंटर, कोर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर लाइफसाइकिल को आधुनिक बनाने के लिए अपनी एआई क्षमताओं का इस्तेमाल करेगी। कनाडा लाइफ (यूरोप) की मुख्य सूचना एवं परिवर्तन अधिकारी कैरोलिन डिब्स ने टीसीएस की तकनीकी विशेषज्ञता पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह साझेदारी उनकी दीर्घकालिक रणनीति के लिए मील का पत्थर साबित होगी। टीसीएस का लक्ष्य न केवल संचालन को सुगम बनाना है, बल्कि स्वचालन (Automation) के जरिए ग्राहकों को बेहतर अनुभव देना भी है। यह सौदा टीसीएस के उस वैश्विक विजन को भी मजबूती देता है, जिसमें वह दुनिया की सबसे बड़ी एआई-आधारित टेक्नोलॉजी कंपनी बनने की राह पर अग्रसर है।
स्थानीय रोजगार और कौशल को मिलेगी नई दिशा
सिर्फ तकनीक तक ही नहीं, टीसीएस इस डील के जरिए यूके, आयरलैंड, आइल ऑफ मैन और जर्मनी में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। कंपनी वहां की स्थानीय प्रतिभाओं के लिए नए लर्निंग प्रोग्राम और करियर डेवलपमेंट के रास्ते खोलेगी। टीसीएस (यूके और आयरलैंड) के प्रमुख विनय सिंहवी ने इसे एआई-आधारित परिवर्तन में टीसीएस के नेतृत्व का प्रमाण बताया है। गौरतलब है कि टीसीएस ने हाल ही में 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का समेकित राजस्व दर्ज किया है, जो इस कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
क्या TCS के शेयर में निवेश करना सुरक्षित है
एक ओर जहां टीसीएस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार में इसके मौजूदा संकेत मिले-जुले हैं। कंपनी का शेयर आज 2 फीसदी की गिरावट के साथ 2,148.80 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स और टाइटर मॉनेटरी पॉलिसी के कारण आईटी स्टॉक्स पर फिलहाल दबाव बना हुआ है। एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के अनुसार, टीसीएस का मेजर ट्रेंड फिलहाल 'बेयरिश' नजर आ रहा है। आरएसआई (RSI) और मूविंग एवरेज के संकेत बताते हैं कि स्टॉक में अभी उतार-चढ़ाव बरकरार रह सकता है। यदि आप निवेशक हैं, तो बाजार के इस तकनीकी दबाव को देखते हुए फिलहाल सावधानी बरतने और गिरावट के संकेतों को समझने की सलाह दी जा रही है।