कांग्रेस ने प्रणव झा को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, बोकारो से है पुराना नाता, कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
झारखंड में होने वाले आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। दिल्ली से लेकर रांची तक बैठकों के दौर के बाद आखिरकार कांग्रेस आलाकमान ने बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रणव झा को उच्च सदन (राज्यसभा) के लिए अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार देर रात प्रणव झा के नाम की आधिकारिक घोषणा की। इस बड़े एलान के साथ ही झारखंड की दो राज्यसभा सीटों में से एक सीट पर सत्तारूढ़ महागठबंधन का उम्मीदवार पूरी तरह तय हो गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दूसरी सीट के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) भी शुक्रवार को अपने पत्ते खोल सकती है और प्रत्याशी के नाम का एलान कर सकती है।
भागलपुर से बोकारो और दिल्ली तक: जानिए कौन हैं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा
राज्यसभा के रण में उतरे प्रणव झा का झारखंड की औद्योगिक नगरी बोकारो से बेहद गहरा और पुराना नाता रहा है। हालांकि वे मूल रूप से पड़ोसी राज्य बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले कहलगांव के निवासी हैं, लेकिन उनका परिवार लंबे समय से बोकारो के सेक्टर-6 में रह रहा है। प्रणव झा की प्रारंभिक और स्कूली शिक्षा भी बोकारो की धरती पर ही पूरी हुई है। यही कारण है कि जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई, बोकारो के स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। स्कूली शिक्षा के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए देश की राजधानी पहुंचे और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की, जिसने उनके राजनीतिक जीवन की दिशा तय की।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर, आज हैं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सलाहकार
प्रणव झा का राजनीतिक सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान ही वे कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) से जुड़ गए थे। इसके बाद 1990 के दशक में उन्होंने बोकारो जिला युवा कांग्रेस के माध्यम से जमीनी स्तर पर सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। वे धनबाद संसदीय क्षेत्र में युवा कांग्रेस के प्रभारी समेत संगठन के कई अत्यंत महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एक समय धनबाद लोकसभा सीट से भी उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर थीं, लेकिन उन्होंने चुनावी राजनीति के बजाय पर्दे के पीछे रहकर संगठनात्मक कार्यों को मजबूत करने को प्राथमिकता दी। उनकी इसी निष्ठा और काबिलियत को देखते हुए वर्तमान में उन्हें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सलाहकार जैसी बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जमीनी कार्यकर्ता को टिकट मिलने से बोकारो में जश्न, कार्यकर्ताओं ने बांटी मिठाई
प्रणव झा को राज्यसभा का टिकट मिलने की खबर जैसे ही बोकारो पहुंची, स्थानीय कांग्रेस कार्यालयों और उनके निवास स्थान के बाहर जश्न का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार किया। चास नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जमील अख्तर ने इस फैसले पर आलाकमान का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने पहली बार एक ऐसे समर्पित और जमीनी कार्यकर्ता को सम्मान दिया है, जिसने बिना किसी स्वार्थ के वर्षों तक संगठन को मजबूत करने के लिए खून-पसीना बहाया है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि प्रणव झा के राज्यसभा जाने से झारखंड में कांग्रेस संगठन को एक नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।