जमशेदपुर बना 'चापर पुर': अमर बाउरी का हेमंत सरकार पर तीखा प्रहार, बोले- अपराध और अराजकता से त्रस्त जनता
झारखंड में बढ़ते अपराध को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने जमशेदपुर की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर जोरदार हमला बोला है। बाउरी ने जमशेदपुर को 'चापर पुर' (अपराधियों का गढ़) की संज्ञा देते हुए कहा कि राज्य में अपराध का ग्राफ अब नियंत्रण से बाहर हो चुका है और आम जनता में भय का माहौल है।
'पानी सिर से ऊपर निकल चुका है'
अमर बाउरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में अपराधी बेखौफ हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमशेदपुर जैसा औद्योगिक शहर, जो कभी अपनी शांति और विकास के लिए जाना जाता था, आज वह अपराधियों और माफियाओं का सुरक्षित ठिकाना बन गया है। बाउरी के शब्दों में, "हेमंत सरकार में अब पानी सिर से ऊपर निकल चुका है। सत्ता के संरक्षण में अपराध की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं, और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।"
जमशेदपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाएं
अमर बाउरी ने हाल के दिनों में जमशेदपुर में हुई हत्या, रंगदारी और छिनतई की बढ़ती वारदातों का हवाला देते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शहर के कारोबारी और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जिस तरह से खुलेआम धमकी दी जा रही है और अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है, उससे स्पष्ट है कि राज्य में कानून का शासन (Rule of Law) पूरी तरह खत्म हो चुका है।
क्या है विपक्ष का आरोप?
विपक्ष का मुख्य आरोप है कि हेमंत सरकार की तुष्टीकरण की राजनीति और पुलिस की निष्क्रियता के कारण राज्य में 'जंगलराज' जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। बाउरी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार जल्द ही कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं करती है, तो भाजपा सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि जनता हेमंत सरकार से त्रस्त हो चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब उसे चुनाव में देना होगा।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
जमशेदपुर में लगातार बढ़ते अपराधों पर विपक्ष ने प्रशासनिक उदासीनता पर भी सवाल उठाए हैं। बाउरी ने कहा कि पुलिस महकमा केवल सत्ताधारी दल के नेताओं की सेवा में लगा है, जबकि आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे है। 'चापर पुर' जैसे शब्द का इस्तेमाल कर बाउरी ने यह जताने की कोशिश की है कि जमशेदपुर में कानून के नाम पर अपराधियों का ही बोलबाला है।