झारखंड में बारिश का तांडव: नदियां और डैम उफान पर, रांची में घरों में घुसा पानी, 27 सितंबर तक येलो अलर्ट
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऊपर बने अति निम्न दबाव (डीप डिप्रेशन) के असर से पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे झारखंड को जलमग्न कर दिया है।
शुक्रवार को भी दिनभर लगातार रुक-रुक कर हुई तेज बारिश के चलते राज्य की प्रमुख नदियां, नाले, डैम और झरने पूरी तरह उफान पर आ गए हैं। इस भीषण मानसूनी आफत से राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न शहरों के कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है और लोगों के घरों में गंदा पानी घुसने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
रांची के कई इलाकों में जलजमाव, पेड़ गिरने से थमा ट्रैफिक और गुल हुई बत्ती
राजधानी रांची के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जहां पंडरा, हरमू, अरगोड़ा, कोकर, हिनू, धुर्वा, अशोकनगर और अपर बाजार जैसे प्रमुख व्यापारिक व रिहायशी क्षेत्रों की सड़कों पर भारी जलजमाव देखने को मिल रहा है। कई मुहल्लों में बारिश का पानी घरों और दुकानों के भीतर प्रवेश कर गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण कोकर और डोरंडा सहित कई प्रमुख मार्गों पर भारी-भरकम पेड़ धराशायी हो गए, जिससे शहर का यातायात घंटों बाधित रहा। इसके साथ ही खंभों और तारों पर पेड़ गिरने से रांची के अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से चरमरा गई।
27 सितंबर तक आकाशीय बिजली और बारिश का येलो अलर्ट, 28 से मिलेगी राहत
मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने राज्य में 26 और 27 सितंबर तक मेघगर्जन के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें। हालांकि, विभाग ने राहत भरी खबर देते हुए बताया कि 28 सितंबर से इस मौसमी तंत्र का असर कम होने लगेगा और लोगों को बारिश से राहत मिलने के आसार हैं।