झारखंड में आज आंधी-बारिश मचाएगी तांडव, रांची, गुमला... 8 जिलों में बरसेगी आफत!
बंगाल की खाड़ी से उठे खतरनाक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) का असर अब पड़ोसी राज्य झारखंड के आसमान पर पूरी तरह से छा गया है। राज्य के मौसम केंद्र ने राजधानी रांची समेत लगभग 8 प्रमुख जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भयंकर आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का हाई अलर्ट (Red Alert) जारी कर दिया है। हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की आशंका जताई गई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय या आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
इन 8 जिलों में सबसे ज्यादा खतरे का साया, प्रशासन ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश और चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' का सबसे अधिक और भीषण प्रभाव झारखंड के जिन 8 जिलों पर पड़ने वाला है, उनमें राजधानी रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और लोहरदगा शामिल हैं। इन इलाकों में लगातार काले घने बादल छाए हुए हैं और कई स्थानों पर रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। जिला प्रशासन ने इन जिलों के सभी नागरिकों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को यह सख्त हिदायत दी है कि वे बिना किसी बेहद जरूरी काम के अपने घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें। खासकर पुराने पेड़ों, कमजोर मकानों और बिजली के बड़े खंभों के पास खड़े होने से बचने की विशेष सलाह दी गई है।
बिजली आपूर्ति और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित, सड़कों पर जलभराव से बढ़ी मुश्किलें
तेज तूफानी हवाओं और झमाझम बारिश के कारण कई जिलों में बिजली के तार टूटने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। रांची के कई इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐहतियात के तौर पर बिजली काट दी गई है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। इसके अलावा, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शहर के मुख्य मार्गों, निचली बस्तियों और अंडरपास में भारी जलभराव (Waterlogging) देखने को मिल रहा है, जिससे सुबह के वक्त ऑफिस और स्कूलों जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की टीमें जलभराव को निकालने और गिरे हुए पेड़ों को सड़क से हटाने के लिए युद्ध स्तर पर राहत कार्यों में जुट गई हैं।
किसानों की बढ़ी रातों की नींद, खेतों में तैयार धान की फसल और सब्जियों पर मंडराया बर्बादी का संकट
इस अचानक आए चक्रवाती मौसम और बेमौसम बारिश ने झारखंड के अन्नदाता किसानों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। राज्य के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में धान की फसलें पूरी तरह से पककर तैयार हैं और कई जगहों पर किसान खेतों में कटाई का काम कर रहे थे। इस मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसलें बिछड़ सकती हैं और भीगकर सड़ सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों या ढंकी हुई जगहों पर पहुंचाएं। इसके अलावा, आलू और अन्य रबी की बुवाई करने वाले किसानों को भी खेतों से अतिरिक्त पानी की त्वरित निकासी करने की सलाह दी गई है, ताकि उनकी मेहनत पर पानी न फिर सके।
आपदा प्रबंधन विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मुस्तैद, किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए झारखंड सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित जिलों के उपायुक्तों (DCs) को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। निचले और बाढ़ संभावित इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के लिए प्रशासन ने शेल्टर होम तैयार कर रखे हैं। किसी भी आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टुकड़ियों को आधुनिक उपकरणों और नावों के साथ संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक मौसम का यह मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। आम जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट का पालन करें।