महंगे प्रोटीन पाउडर की जरूरत नहीं: रसोई की इन 7 देसी चीजों से आसानी से मिलेगा 100 ग्राम प्रोटीन

महंगे प्रोटीन पाउडर की जरूरत नहीं: रसोई की इन 7 देसी चीजों से आसानी से मिलेगा 100 ग्राम प्रोटीन

फिटनेस और मसल्स रिकवरी के लिए आज हर कोई डाइट में प्रोटीन बढ़ाने की होड़ में लगा है। इसके लिए अक्सर लोग जिम सप्लीमेंट्स और महंगे प्रोटीन पाउडर पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, जबकि असलियत यह है कि आपकी अपनी रसोई में मौजूद सामान्य खाद्य पदार्थ ही प्रोटीन का बेहतरीन और प्राकृतिक स्रोत हैं। अंडा, दूध, दही, मूंग दाल और चना जैसी पारंपरिक चीजें न केवल हर घर में आसानी से उपलब्ध होती हैं, बल्कि इन्हें पचाना भी शरीर के लिए बेहद सहज होता है। होम्योपैथी डॉक्टर सानिध्य सक्सेना के अनुसार, यदि दिनभर के भोजन की सही प्लानिंग की जाए तो बिना किसी कृत्रिम पाउडर के केवल घरेलू खानपान से ही रोजाना लगभग 100 ग्राम प्रोटीन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।

तीन उबले अंडे से मिलता है इतना प्रोटीन

प्रोटीन का यह देसी चार्ट मांसाहारी और शाकाहारी दोनों तरह के विकल्पों का संतुलित मेल है। मांसाहार पसंद करने वालों के लिए 100 ग्राम ग्रिल्ड या उबला चिकन करीब 31 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन उपलब्ध कराता है, जिसे लंच या डिनर में कम तेल-मसालों के साथ खाया जा सकता है। वहीं नाश्ते या शाम के स्नैक में तीन उबले अंडे शामिल करने से शरीर को लगभग 18 ग्राम लीन प्रोटीन मिलता है। शाकाहारी भोजन में एक कप पकी हुई पीली या हरी मूंग दाल से 16 ग्राम प्रोटीन मिल जाता है, जिसे लंच में रोटी या चावल के साथ आसानी से लिया जा सकता है।

दिन के बाकी प्रोटीन कोटा को पूरा करने के लिए आधा कप उबले काले या सफेद चने बेहतरीन विकल्प हैं, जो 12 ग्राम प्रोटीन के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में फाइबर भी देते हैं, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। दोपहर के भोजन में एक कप सादा ताजा दही शामिल करने से 10 ग्राम प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स मिलते हैं जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं।

इसके अलावा शाम के स्नैक या फ्रूट टोस्ट के साथ दो चम्मच बिना चीनी-नमक वाला पीनट बटर लेने से करीब 8 ग्राम और सुबह या रात को सोने से पहले 250 मिलीलीटर (एक गिलास) गुनगुना दूध पीने से 8 ग्राम प्रोटीन की पूर्ति होती है। इन सातों देसी चीजों का कुल जोड़ दिनभर में लगभग 103 ग्राम शुद्ध प्रोटीन तैयार करता है, जिसकी अनुमानित ऊर्जा लगभग 1140 कैलोरी के आसपास बैठती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति के लिए 100 ग्राम प्रोटीन की अनिवार्यता एक समान नहीं होती। दैनिक प्रोटीन की वास्तविक जरूरत व्यक्ति की उम्र, कुल वजन, शारीरिक एक्टिविटी और फिटनेस गोल पर निर्भर करती है। यदि कोई भारी वर्कआउट या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कर रहा है तो उसकी मांग सामान्य व्यक्ति से अधिक हो सकती है। वहीं किडनी रोग या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से पहले डॉक्टर या क्लिनिकल डाइटिशियन से परामर्श जरूर लेना चाहिए। साथ ही, पाचन तंत्र पर दबाव न पड़े इसके लिए पूरे दिन का प्रोटीन एक ही बार में खाने के बजाय नाश्ते, दोपहर के भोजन और रात के खाने में समान रूप से बांटकर खाना सबसे असरदार तरीका है।