रांची समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश से कोल्हान में बाढ़ का खतरा मंडराया
झारखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य की राजधानी रांची समेत कई प्रमुख जिलों में बादलों ने ऐसा डेरा डाला है कि नदियां उफान पर आ गई हैं और निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। खासकर कोल्हान प्रमंडल के जिलों में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है, जहां लगातार बारिश के कारण खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदियों ने स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कई जिलों में शिक्षण संस्थानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही खराब दृश्यता और भारी हवाओं के कारण हवाई सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे रांची एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कई उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे आम जनता को घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है।
रांची समेत झारखंड के जिलों में भारी बारिश और बिगड़ते हालात की पूरी तस्वीर
झारखंड के विभिन्न जिलों में बारिश का यह दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे सामान्य जनजीवन पटरी से उतर गया है। राजधानी रांची में सुबह से ही काले बादलों का डेरा है और झमाझम बारिश के चलते शहर की मुख्य सड़कें पानी में डूब चुकी हैं, जिससे भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र की वजह से झारखंड के दक्षिणी और मध्य भागों में मानसूनी गतिविधियां बेहद सक्रिय हो गईं हैं। रांची के अलावा जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो में भी बादलों की गर्जना के साथ लगातार पानी बरस रहा है। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, जिससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कोल्हान प्रमंडल में बाढ़ का बढ़ा खतरा, उफान पर नदियां और बांधों के खुले गेट
झारखंड के कोल्हान प्रमंडल यानी पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है, जहां लगातार बारिश के चलते बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है। क्षेत्र की प्रमुख नदियां जैसे स्वर्णरेखा, खरकई और संजय नदी उफान पर हैं और उनका जलस्तर तेजी से खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। नदियों के बढ़ते पानी को देखकर निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार मुनादी कराई जा रही है। जलस्तर में खतरनाक वृद्धि को देखते हुए राज्य के कई बड़े जलाशयों और डेमों के गेट एहतियात के तौर पर खोलने पड़े हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी का बहाव और तेज हो गया है। जिला प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल बंद और उड़ानों पर लगा ब्रेक
खराब मौसम और लगातार होती बारिश के मद्देनजर राज्य के कई जिलों में जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। छोटे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए रांची, जमशेदपुर और आसपास के प्रभावित जिलों के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अभिभावक और बच्चे किसी भी खतरे से बचे रहें। इसके अलावा, परिवहन सेवाओं पर भी इस मौसम की मार साफ दिखाई दे रही है। लगातार हो रही भारी बारिश, घने बादलों और बेहद खराब विजिबिलिटी के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची से संचालित होने वाली कई फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा है या उनके समय में बदलाव किया गया है। विमानन कंपनियों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच अवश्य कर लें। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और जलभराव वाले इलाकों या बिजली के खंभों से दूर रहें।