उत्तराखंड: कालिंदी पास से 67 ट्रेकर्स सुरक्षित निकाले, केदारनाथ-वासुकीताल ट्रैक पर 2 PAC जवानों समेत 5 लापता

उत्तराखंड: कालिंदी पास से 67 ट्रेकर्स सुरक्षित निकाले, केदारनाथ-वासुकीताल ट्रैक पर 2 PAC जवानों समेत 5 लापता

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में मौसम के बिगड़े मिजाज और भारी बर्फबारी के बीच चलाए जा रहे विशाल बचाव अभियान से बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कालिंदी पास और ओडिन कॉल इलाके में फंसे कुल 139 पर्वतारोहियों, ट्रेकर्स और सहयोगी स्टाफ को सुरक्षित निकालने के लिए शुरू किया गया दो दिवसीय सघन हेली-रेस्क्यू ऑपरेशन मंगलवार दोपहर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।

इस पूरे अभियान के दौरान विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद कुल 67 लोगों को वायुसेना और नागरिक हेलीकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित एयरलिफ्ट किया गया। वहीं दूसरी तरफ, इस इलाके में विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों पर निकले अन्य 72 पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स ने अपना सफर जारी रखने का फैसला किया है और उनका कहना है कि वे तय योजना के तहत अपने स्तर पर सुरक्षित वापस लौट आएंगे।

दो दिन में 67 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला, हर्षिल में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

विगत सप्ताह अचानक शुरू हुई तेज बारिश और भारी बर्फबारी के चलते ऊंचाई वाले ट्रेक मार्गों पर 139 ट्रेकर्स और उनका सहयोगी स्टाफ फंस गया था। प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र ने तत्काल हरकत में आते हुए सोमवार को पहले चरण में 40 लोगों को सुरक्षित निकाला, हालांकि बाद में खराब मौसम के चलते उड़ानें रोकनी पड़ी थीं। मंगलवार सुबह मौसम साफ होते ही दोबारा ऑपरेशन शुरू किया गया और दूसरे दिन 27 अन्य पर्वतारोहियों, ट्रैकर्स और पोर्टर्स को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित हर्षिल लाया गया।

अब तक चलाए गए इस रेस्क्यू अभियान में ओडिन कॉल पास से 29, कालिंदी पास से 19, जोगिन वन से 8, सतोपंथ पीक बेस कैंप से 8 और वासुकीताल इलाके से 3 लोगों (जिनमें दो आर्मी पोर्टर्स भी शामिल हैं) को एयरलिफ्ट किया गया है। मंगलवार के अभियान में कालिंदी पास से आठ, जोगिन वन से आठ, सतोपंथ पीक बेस कैंप से नौ और वासुकीताल से दो पोर्टर्स को सुरक्षित निकाला गया। हर्षिल में डॉक्टरों की टीम द्वारा सभी का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने के बाद उन्हें उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया है।

केदारनाथ-वासुकीताल रूट पर 5 सदस्यीय दल लापता, परिजनों की उड़ी नींद

एक ओर जहां कालिंदी पास में रेस्क्यू पूरा हुआ, वहीं दूसरी ओर केदारनाथ-वासुकीताल ट्रेक से बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। इस दुर्गम रूट पर निकला 5 सदस्यीय ट्रेकिंग दल अचानक लापता हो गया है, जिसमें उत्तराखंड पीएसी के दो जवान भी शामिल हैं। दल से कई दिनों से परिजनों का संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिसके बाद मंगलवार को हाई अलर्ट जारी कर बड़े पैमाने पर खोजबीन शुरू की गई। लापता ट्रेकर प्रवेश चौहान के भाई यशवंत सिंह चौहान ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को सूचित किया कि उनका दल 25 सितंबर को केदारनाथ से वासुकीताल ट्रैक के रास्ते रवाना हुआ था। इस दल की योजना ओडिन कॉल होते हुए गंगोत्री पहुंचने की थी, लेकिन बीच रास्ते से ही कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।

लापता दल में फॉरेस्ट गार्ड और पीएसी जवान शामिल, खराब दृश्यता बनी खोज में रोड़ा

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (डीडीएमओ) नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस नियंत्रण कक्ष, गोपेश्वर वन्यजीव प्रभाग और 40वीं वाहिनी पीएसी को अलर्ट कर साझा समन्वय स्थापित किया गया। लापता ट्रेकर्स की पहचान अमित फर्सवाण (40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार), नवीन रावत (40वीं वाहिनी पीएसी रुद्रप्रयाग), प्रवेश चौहान (फॉरेस्टर, उत्तरकाशी), विवेक (निवासी जग्गी बगवान) और संजय सिंह रावत (पशुपालन विभाग, केदारनाथ) के रूप में हुई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की टीमें जमीन पर दुर्गम रास्तों पर खोज में जुटी हैं। प्रभावित इलाके में हेलीकॉप्टर से भी हवाई सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन दोपहर बाद अत्यधिक धुंध और बेहद कम दृश्यता (विजिबिलिटी) के कारण हवाई अभियान को अस्थायी रूप से स्थगित करना पड़ा। मौसम खुलते ही सर्च ऑपरेशन को और तेज किया जाएगा।