AISHE Report: भारत बना विदेशी छात्रों की पहली पसंद, दाखिले में 47% का बंपर उछाल
हाइअर एजुकेशन के मामले में भारत अब ग्लोबल स्टूडेंट्स के लिए एक बड़े हब के रूप में उभर रहा है। हाल ही में जारी हुई ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) की ताजा रिपोर्ट ने इस बात पर मुहर लगा दी है। देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में विदेशी छात्रों के एडमिशन में पूरे 47 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इस डेटा से साफ है कि भारत की बेहतरीन फैकल्टी, किफायती शिक्षा और वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया भर के युवाओं को अपनी ओर तेजी से आकर्षित कर रहा है। आइए जानते हैं कि किन देशों के छात्र भारत को अपनी पढ़ाई के लिए सबसे ज्यादा चुन रहे हैं और कौन से राज्य उनकी पहली पसंद बने हुए हैं।
इन पड़ोसी देशों से सबसे ज्यादा छात्र आ रहे हैं भारत
भारत में आकर पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हमारे पड़ोसी देशों की है। एआईएसएचई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत आने वाले कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों में सबसे ज्यादा संख्या नेपाल के छात्रों की है। इसके बाद दूसरे नंबर पर अफगानिस्तान और तीसरे पायदान पर बांग्लादेश के छात्र शामिल हैं। इन देशों के अलावा अफ्रीकी देशों जैसे सूडान, नाइजीरिया और तंजानिया से भी भारी संख्या में युवा मेडिकल, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट जैसे कोर्सेज के लिए भारतीय यूनिवर्सिटीज का रुख कर रहे हैं।
विदेशी स्टूडेंट्स के पसंदीदा कोर्सेज और टॉप राज्य
विदेशी छात्रों के बीच भारत में अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सेज की मांग सबसे ज्यादा है। इनमें मुख्य रूप से बीटेक (B.Tech), बीबीए (BBA), बीएससी (B.Sc) और फार्मेसी जैसे प्रोफेशनल कोर्सेज शामिल हैं। अगर राज्यों की बात करें, तो विदेशी छात्रों को अपनी ओर खींचने में कर्नाटक सबसे आगे रहा है। इसके बाद बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली और हैदराबाद जैसे बड़े एजुकेशनल शहरों वाले राज्यों का नंबर आता है। यहां का कॉस्मोपॉलिटन माहौल और पढ़ाई के साथ मिलने वाला प्रैक्टिकल एक्सपोजर छात्रों को खूब पसंद आ रहा है।
आखिर क्यों बढ़ रहा है भारतीय यूनिवर्सिटीज का क्रेज
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बंपर उछाल के पीछे भारत सरकार की 'स्टडी इन इंडिया' (Study in India) पहल और भारतीय शिक्षा की ग्लोबल क्रेडिबिलिटी है। अमेरिका, ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के मुकाबले भारत में रहने और पढ़ाई करने का खर्च बेहद कम है। इसके साथ ही आईआईटी (IIT), आईआईएम (IIM) और कई प्रमुख सेंट्रल व प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार होने से भी विदेशी छात्रों का भरोसा भारतीय डिग्री पर काफी मजबूत हुआ है।