AISHE Report: BTech या MBBS नहीं, भारत में ये कोर्सेज हैं छात्रों की पहली पसंद; शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

AISHE Report: BTech या MBBS नहीं, भारत में ये कोर्सेज हैं छात्रों की पहली पसंद; शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

भारत में जब भी उच्च शिक्षा या करियर की बात आती है, तो आमतौर पर माना जाता है कि अधिकांश छात्रों और अभिभावकों का झुकाव इंजीनियरिंग (BTech/BE) या मेडिकल (MBBS) की तरफ ही होता है। लेकिन देश की वास्तविक जमीनी हकीकत इन धारणाओं से बिल्कुल उलट है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Union Ministry of Education) द्वारा हाल ही में जारी की गई अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE Report 2023-24) की रिपोर्ट में एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, आज भी भारत के बहुसंख्यक छात्र तकनीकी या मेडिकल डिग्रियों के बजाय पारंपरिक विषयों में सबसे ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।

रिकॉर्ड 4.50 करोड़ नामांकन, हायर एजुकेशन में देश की ऊंची उड़ान

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई इस विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों की कुल संख्या में पिछले एक दशक में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में कुल छात्र नामांकन (Total Enrolment) बढ़कर 4.50 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है, जो साल 2014-15 (3.42 करोड़) के मुकाबले लगभग 31.5% अधिक है। सबसे खास बात यह है कि इस वृद्धि में महिलाओं और वंचित वर्गों (SC, ST और OBC) की हिस्सेदारी सबसे आगे रही है।

UG लेवल पर 'BA' बना नंबर-1, 32% से ज्यादा छात्रों की पहली पसंद

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, अंडर ग्रेजुएशन (UG/स्नातक) स्तर पर देश में सबसे ज्यादा लोकप्रिय और छात्रों की पहली पसंद बनने वाला कोर्स बीए (Bachelor of Arts - BA) है। तकनीकी चकाचौंध के बीच भी आर्ट्स स्ट्रीम ने अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा है। कुल स्नातक नामांकनों में से 32.2 प्रतिशत छात्रों ने बीए कोर्स को चुना है।

ग्रेजुएशन स्तर पर विभिन्न कोर्सेज की लोकप्रियता और उनकी प्रतिशत हिस्सेदारी नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझी जा सकती है:

कोर्स का नाम (Undergraduate Level) कुल नामांकनों में हिस्सेदारी (%)
बीए (BA) 32.2%
बीएससी (BSc) 13.8%
बीकॉम (BCom) 11.4%
बीटेक (BTech) 8.7%
बीए ऑनर्स (BA Hons) 6.4%
बीएड (BEd) 4.7%
बीई (BE) 4.0%
बीसीए (BCA) 2.8%

ध्यान देने योग्य तथ्य: अगर बीटेक (8.7%) और बीई (4%) की संयुक्त हिस्सेदारी को भी जोड़ दिया जाए, तो भी यह केवल 12.7% तक पहुंचती है, जो कि अकेले बीए कोर्स (32.2%) के आधे से भी कम है। मेडिकल (MBBS) या अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज की हिस्सेदारी तो और भी कम है, जिससे यह साफ होता है कि पारंपरिक डिग्री कोर्सेज का क्रेज आज भी बरकरार है।

PG लेवल पर भी 'MA' का जलवा, 39.5% छात्र कर रहे हैं पसंद

सिर्फ ग्रेजुएशन ही नहीं, बल्कि पोस्ट ग्रेजुएशन (PG/परास्नातक) के स्तर पर भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। पीजी में एडमिशन लेने वाले छात्रों के बीच एमए (Master of Arts - MA) सबसे लोकप्रिय कोर्स के रूप में उभरा है। उच्च शिक्षा की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल पीजी दाखिलों में से सर्वाधिक 39.5% छात्रों ने एमए कोर्स में प्रवेश लिया है। इसके बाद दूसरे स्थान पर एमएससी (MSc) 17.9% और तीसरे स्थान पर कॉर्पोरेट जगत का पसंदीदा एमबीए (MBA) कोर्स 16.9% की हिस्सेदारी के साथ मौजूद है। वहीं एमकॉम (MCom) में 7.8% और एमसीए (MCA) में 4.4% छात्रों ने रुचि दिखाई है।

एक करोड़ से अधिक छात्रों के साथ STEM फील्ड भी मजबूत

भले ही प्रतिशत के मामले में बीए और एमए शीर्ष पर बने हुए हैं, लेकिन भारत विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित यानी स्टेम (STEM) कोर्सेज में कुल नामांकन पहली बार 1 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार करके 1.02 करोड़ तक पहुंच गया है। इसमें सबसे सुखद पहलू यह है कि स्टेम (STEM) विषयों को चुनने में लड़कियों की भागीदारी बढ़कर 44% हो गई है, जो देश में बढ़ते महिला सशक्तिकरण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाती है।

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