JEE Main के बाद बेस्ट ऑप्शन: भारत में कितने IIIT हैं? जानिए BTech की फीस से लेकर प्लेसमेंट तक की पूरी सच्चाई
इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच आईआईटी (IIT) और एनआईटी (NIT) के बाद अगर किसी संस्थान का सबसे ज्यादा क्रेज रहता है, तो वह है आईआईआईटी यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT)। टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए इन्हें देश के सबसे बेहतरीन संस्थानों में गिना जाता है। हर साल लाखों छात्र जेईई मेन (JEE Main) की परीक्षा में इन संस्थानों में दाखिला पाने के लिए बैठते हैं। अगर आप भी इंजीनियरिंग में अपना भविष्य तलाश रहे हैं, तो यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि भारत में कुल कितने IIIT हैं, वहां की फीस संरचना क्या है और प्लेसमेंट के आंकड़े कैसे रहते हैं।
भारत में कुल कितने IIIT हैं और इनका संचालन कैसे होता है?
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल 26 IIIT (Indian Institutes of Information Technology) संचालित हो रहे हैं। इन सभी संस्थानों को शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) के तहत मान्यता प्राप्त है, लेकिन इनके संचालन का तरीका थोड़ा अलग है। इन 26 संस्थानों में से 5 पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं, जिन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (Institutes of National Importance) का दर्जा मिला हुआ है। इनमें IIIT इलाहाबाद, ABV-IIITM ग्वालियर, PDPM IIITDM जबलपुर, IIITDM कांचीपुरम और IIITDM कर्नूल शामिल हैं। वहीं, बाकी बचे 21 IIIT पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर काम करते हैं, जिसमें केंद्र सरकार, संबंधित राज्य सरकार और इंडस्ट्री पार्टनर्स मिलकर निवेश करते हैं। इसके अलावा, IIIT हैदराबाद, IIIT बेंगलुरु और IIIT दिल्ली जैसे कुछ अन्य नामी संस्थान भी हैं जो स्वायत्त (Autonomous) या राज्य यूनिवर्सिटी के रूप में अपनी धाक जमा चुके हैं।
IIITs से BTech करने के लिए कितनी फीस देनी होगी?
अगर फीस की बात करें, तो विभिन्न IIIT संस्थानों के बीच BTech कोर्स की फीस में काफी अंतर देखने को मिलता है। सरकारी स्वामित्व वाले 5 मुख्य IIITs की सालाना फीस आमतौर पर ₹1.10 लाख से ₹1.50 लाख के बीच होती है, जिससे इनका 4 साल का कुल खर्च लगभग ₹6 लाख से ₹10 लाख (हाॅस्टल खर्च मिलाकर) तक बैठता है। दूसरी ओर, जो संस्थान पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलते हैं (जैसे IIIT लखनऊ, IIIT कोटा, IIIT पुणे), उनकी सालाना ट्यूशन फीस थोड़ी ज्यादा होती है। इन PPP मॉडल वाले संस्थानों में पढ़ाई का कुल खर्च ₹10 लाख से लेकर ₹18 लाख तक जा सकता है। उदाहरण के लिए, IIIT हैदराबाद और IIIT श्री सिटी जैसे प्रीमियम ऑटोनॉमस संस्थानों में फीस का ग्राफ थोड़ा ऊपर रहता है, लेकिन वहां मिलने वाली वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं और कोडिंग कल्चर इसकी भरपाई कर देते हैं।
प्लेसमेंट के मामले में कई IITs को भी टक्कर देते हैं ये संस्थान
IIITs को देश में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने की मुख्य वजह इनका शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड है। चूंकि इन संस्थानों का पूरा फोकस मुख्य रूप से कंप्यूटर साइंस (CSE), इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) और इलेक्ट्रॉनिक्स (ECE) जैसे आधुनिक सेक्टर्स पर होता है, इसलिए देश-विदेश की बड़ी टेक कंपनियां यहां बढ़-चढ़कर हायरिंग करती हैं। IIIT इलाहाबाद और IIIT लखनऊ जैसे टॉप संस्थानों का औसत (Average) पैकेज ₹20 लाख से ₹26 लाख प्रति वर्ष तक जाता है, जो कई प्रतिष्ठित एनआईटी और आईआईटी के बराबर या उनसे बेहतर है। वहीं, नए स्थापित हुए IIITs (जैसे IIIT नागपुर, IIIT ऊना, IIIT भागलपुर) में भी औसत पैकेज ₹9 लाख से ₹14 लाख सालाना के बीच आसानी से मिल जाता है। इन संस्थानों के छात्रों को गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और फेसबुक जैसी ग्लोबल कंपनियों से करोड़ों रुपये के डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑफर्स भी मिलते हैं।
IIIT में एडमिशन पाने के लिए क्या है सही प्रक्रिया?
इन प्रतिष्ठित संस्थानों के BTech प्रोग्राम में दाखिला पाने का एकमात्र रास्ता जेईई मेन (JEE Main) परीक्षा पास करना है। परीक्षा में शानदार रैंक हासिल करने के बाद छात्रों को जोसा (JoSAA - Joint Seat Allocation Authority) और सीएसएबी (CSAB) काउंसलिंग प्रक्रियाओं में शामिल होना पड़ता है। इन काउंसलिंग राउंड के जरिए ही छात्रों की रैंक और पसंद के आधार पर 26 IIITs की 11,500 से अधिक सीटों पर अलॉटमेंट किया जाता है। अगर आप भी कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में तहलका मचाना चाहते हैं, तो जेईई मेन में एक बेहतरीन स्कोर हासिल कर IIIT को अपनी प्राथमिकता सूची में जरूर शामिल करें।