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Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक युवक ने अपनी शादी को यादगार बनाने के साथ-साथ पूरे समाज को आईना दिखा दिया। दूल्हा रमन सिंह राणा ने दुल्हन पक्ष से मिले 11 लाख रुपये के शगुन को पूरी तरह ठुकरा दिया और सिर्फ़ एक रुपए का सिक्का हाथ में लिया। यह घटना रविवार को उस वक़्त हुई जब पंजाब के चक्कर गांव से बारात गांव शिमलाना पहुंची थी। दुल्हन आरती के पिता राजकुमार ने परंपरा के तहत भारी रकम दी थी लेकिन रमन ने उसे वापस करते हुए साफ़ कह दिया कि उनकी शादी एक रुपए में ही तय हुई थी और वे उसी पर क़ायम रहेंगे।

पिता का गर्व भरा बयान – “दुल्हन से बड़ा कोई दहेज नहीं”

रमन के पिता संजीव राणा ने बताया कि उनके बेटे ने जो किया उस पर उन्हें नाज है। उन्होंने कहा कि आज की पढ़ी-लिखी नई पीढ़ी को आगे आकर दहेज जैसी कुप्रथा का अंत करना होगा। उनके मुताबिक़ बेटी खुद सबसे अनमोल दहेज होती है और किसी पिता को कर्ज़ लेकर उसकी शादी करने की नौबत नहीं आनी चाहिए।

दुल्हन आरती ने कहा – मुझे ऐसा जीवनसाथी मिला यह मेरा सौभाग्य

दुल्हन आरती भी अपने होने वाले पति के फ़ैसले से बेहद ख़ुश हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्हें ऐसा साथी मिला जो न सिर्फ़ बात करता है बल्कि दहेज जैसी कुरीति के ख़िलाफ़ खड़ा भी हुआ। आरती का मानना है कि ऐसे क़दम ही समाज में बदलाव लाएंगे।

ग्रेजुएट दूल्हा जो प्राइवेट नौकरी करता है

रमन सिंह राणा ने ग्रेजुएशन पूरा किया है और इस समय एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वे पहले से ही दहेज प्रथा के सख़्त ख़िलाफ़ थे। शादी के मंडप में हाथ जोड़कर उन्होंने बड़े अदब से कहा कि हमें इस प्रथा को ख़त्म करना होगा। अगर हर युवा ऐसा सोचे तो एक दिन यह कुप्रथा अपने आप ख़त्म हो जाएगी।