Share Market का इस हफ्ते क्या रहेगा रुख, किन चीजों में होगा इजाफ़ा जानिए

महंगाई अपने चरम सीमा पर हैं न जाने अभी और क्या होने वाला हैं बाजार में कुछ भी सस्ता जैसा नहीं हैं और कहीं से कोई गिरावट के आसार नहीं दिख रहा हैं।

महंगाई अपने चरम सीमा पर हैं न जाने अभी और क्या होने वाला हैं बाजार में कुछ भी सस्ता जैसा नहीं हैं और कहीं से कोई गिरावट के आसार नहीं दिख रहा हैं। वहीं शेयर बाजार (Share Market) धारणा पर आधारित होता है। जब चीन ने रिज़र्व खोला, तो स्ट्रीट को लगा कि मेटल में रैली खत्म हो गई हैं  और टाटा स्टील ने 1086 रुपये के निचले स्तर को छू लिया। लेकिन चीन के रुख में कोई बदलाव आए बिना वही काउंटर बढ़कर 1246 रुपये की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि हम बुल मार्केट में हैं और “हर गिरावट में खरीदें” का नियम लागू होना जारी है।

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इसी तरह की कहानी टाटा मोटर्स के साथ भी सामने आई, जहां मीडिया की भूमिका एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बीते हफ्ते जब टाटा समूह ने एक्सचेंजों (Share Market) में एक स्पष्टीकरण दिया कि चिप शॉर्टेज है और 4-6 फीसद ईपीएस का सफाया हो जाएगा, तो स्टॉक हाल ही के उच्च स्तर 358 रुपये से तेजी से फिसलकर नीचे आ गया।

हमने एक तीन पेज की रिपोर्ट जारी की, जिसमें स्पष्ट किया गया कि संकट क्या था, कौन जिम्मेदार थे, यह कब तक जारी रहेगा और टाटा मोटर्स इस स्थिति से कैसे निपटेगी। हमने टाटा मोटर्स की 73% सब्सिडियरी टाटा टेक्नोलॉजीज के बारे में भी चर्चा की, जिसमें टाटा मोटर्स को पूरे कर्ज से उबारने की क्षमता है। (Share Market)

साथ ही टाटा एलेक्सी की भूमिका पर भी बात की, जो भारत में शीर्ष दस चिप टेक कंपनियों में शुमार है। यदि आपके पास तकनीक है, तो चिप निर्माण करना कोई बड़ी बात नहीं है। अगर हम टाटा के इतिहास को देखें, तो जब भी वे इस तरह के संकट में थे, उन्होंने नए व्यवसाय विकसित किए। (Share Market)

भारत से अधिक अमेरिका और यूरोप प्रभावित हैं और सभी बड़े कार ब्रांड उत्पादन बंद कर रहे हैं। खैर, यह 2020 से देखा जा रहा है और अप्रैल 2021 में जेएलआर ने भी अपने एक संयंत्र को बंद कर दिया और पिछली तिमाही में एक अरब डॉलर के नुकसान का कारण चिप शॉर्टेज थी। (Share Market)

15 जून को फिर से अपने आधिकारिक प्रेस संचार में जेएलआर ने चिप की कमी की स्थिति को दोहराया था। इसलिए, टाटा मोटर्स प्रबंधन द्वारा दिए गए बयान में कोई आश्चर्यजनक तत्व नहीं था। संक्षेप में, हमारा मानना ​​है कि टाटा मोटर्स न केवल चिप की समस्या का समाधान खोजेगी, बल्कि समय के साथ कर्ज मुक्त भी हो जाएगी। (Share Market)

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