Up Kiran, Digital Desk: गुरुग्राम की इस घटना को लोग सचमुच “चमत्कार” कह रहे हैं। यहाँ 47 वर्षीय पूजन प्रसाद को मृत समझकर परिवार ने अंतिम संस्कार तक कर दिया, लेकिन दो दिन बाद वे अचानक जिंदा घर लौट आए।
पूजन अगस्त के आख़िरी दिनों में लापता हो गए थे। पुलिस ने 28 अगस्त को पास के इलाके से एक क्षत-विक्षत शव बरामद किया। बेटे संदीप ने कपड़ों और पैर की चोट देखकर उस शव को अपने पिता का मान लिया। इसके बाद पूरे परिवार ने शोक में डूबकर उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया और अस्थियाँ विसर्जन के लिए निकल पड़े।
लेकिन उसी दौरान पूजन के साले ने उन्हें एक लेबर चौक पर जिंदा देख लिया और घर ले आए। परिवार और पड़ोसी सब स्तब्ध रह गए। पत्नी लक्ष्मिनिया को लगा कि उन्हें भ्रम हो रहा है, पर जब यकीन हुआ कि पति सचमुच लौट आए हैं, तो वे फूट-फूटकर रो पड़ीं।
पूजन ने बताया कि वे नशे में धुत होकर कई दिनों तक इधर-उधर भटकते रहे, इसलिए घर लौट नहीं पाए। अब पुलिस के सामने असली चुनौती उस अज्ञात शव की पहचान करना है, जिसकी बेरहमी से हत्या हुई थी। डीएनए सैंपल के आधार पर पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
संक्षेप में, जिस इंसान का परिवार शोक मना चुका था, वही कुछ घंटों बाद उनके सामने जिंदा खड़ा मिला—और असली हत्या का राज़ अब भी अधूरा है।

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