BRICS समिट में 'रीलबाज' कॉन्स्टेबल दीपक बांगर पर चला दिल्ली पुलिस का डंडा

BRICS समिट में 'रीलबाज' कॉन्स्टेबल दीपक बांगर पर चला दिल्ली पुलिस का डंडा

सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम रील्स (Instagram Reels) बनाने का क्रेज इन दिनों लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन कई बार यह शौक किसी की नौकरी और करियर पर बहुत भारी पड़ जाता है। हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित अत्यंत संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के दौरान सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी की ऐसी ही नासमझी सामने आई है। कमर में सर्विस पिस्टल और हाथ में अत्याधुनिक स्नाइपर राइफल लेकर रील बनाने वाले दिल्ली पुलिस के एक 'रीलबाज' कॉन्स्टेबल पर विभाग ने बहुत तगड़ा एक्शन लिया है। इस घटना के सामने आने के बाद से प्रशासनिक गलियारों और सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है, और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर यह कॉन्स्टेबल कौन है और उसने सुरक्षा के नियमों को ताक पर रखकर ऐसा क्या कर दिया था, जिसके चलते उसे तुरंत निलंबित कर दिया गया।

कौन है कॉन्स्टेबल दीपक बांगर और क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पुलिसकर्मी का नाम दीपक बांगर (Deepak Bangar) है, जो दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात है और वर्तमान में उत्तर पश्चिमी जिले की फॉरेनर्स सेल में अपनी सेवाएं दे रहा था। दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों और वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा की जिम्मेदारी बहुत कड़ी थी। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कॉन्स्टेबल दीपक बांगर की ड्यूटी सेंट्रल दिल्ली के एक प्रमुख पांच सितारा होटल की छत पर ओवरवाच टीम यानी स्नाइपर के रूप में लगाई गई थी, जहां विदेशी प्रतिनिधि ठहरे हुए थे और उनके पास आधिकारिक ब्रिक्स समिट 2026 का पहचान पत्र भी मौजूद था।

सुरक्षा के नियमों को ताक पर रखकर बनाई रील, छिपानी जाने वाली लोकेशन कर दी सार्वजनिक

ड्यूटी के दौरान पूरी तरह से सतर्क रहने के बजाय कॉन्स्टेबल दीपक बांगर ने अपनी वीवीआईपी ड्यूटी की संवेदनशीलता को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। उसने केंद्रीय दिल्ली के एक होटल की छत पर तैनात अपने स्नाइपर पोस्ट से ही इंस्टाग्राम के लिए रील्स वीडियो शूट कर डाले। इन वायरल वीडियो में वह कभी अपनी कमर में टंगी सर्विस पिस्टल को दिखाते नजर आ रहे हैं, तो कभी हाथ में खतरनाक स्नाइपर राइफल लेकर उसके स्कोप से निशाना साधने का प्रदर्शन कर रहे हैं। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि वीडियो में होटल की छत से आसपास की इमारतें, अन्य सुरक्षाकर्मी और वीवीआईपी सुरक्षा के तमाम संवेदनशील रणनीतिक बिंदु साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे, जिन्हें सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरी तरह गोपनीय रखा जाना अनिवार्य होता है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया कड़ा एक्शन

कॉन्स्टेबल दीपक बांगर द्वारा बनाए गए ये रील्स वीडियो जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुए, तब लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलने पर सवाल खड़े किए। जब यह मामला दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो विभाग में तुरंत हड़कंप मच गया। अनुशासनात्मक नियमों के गंभीर उल्लंघन और संवेदनशीलता भंग करने के आरोप को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दीपक बांगर को ब्रिक्स ड्यूटी से हटा दिया और उसे निलंबित (Suspended) कर दिया। इसके साथ ही उसे उसके मूल जिले में वापस भेज दिया गया है और इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश भी दे दिए गए हैं।

सुरक्षाबलों के लिए बड़ा सबक: अनुशासनहीनता और रील्स का बढ़ता शौक बना जी का जंजाल

आज के डिजिटल दौर में सरकारी कर्मचारियों और विशेषकर सुरक्षा बलों में तैनात जवानों द्वारा सोशल मीडिया पर अपनी ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जो कई बार देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन जाता है। कॉन्स्टेबल दीपक बांगर की यह घटना इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे थोड़ी सी लोकप्रियता और लाइक्स पाने की चाहत में एक प्रशिक्षित सिपाही अपनी जिम्मेदारियों को भूल बैठा। पुलिस विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले के बाद सभी जवानों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं कि संवेदनशील ड्यूटियों के दौरान किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया गतिविधि या हथियारों का प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और ऐसा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोरतम कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।