Diplomatic Masterstroke: 'हमारा DNA एक है...', अफगान मंत्री ने की भारत की जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर बयान देख पाकिस्तानियों को लगी मिर्ची

Diplomatic Masterstroke: 'हमारा DNA एक है...', अफगान मंत्री ने की भारत की जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर बयान देख पाकिस्तानियों को लगी मिर्ची

भारत और अफगानिस्तान के सदियों पुराने सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच से एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला बयान सामने आया है। अफगानिस्तान की कार्यवाहक सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी (Amir Khan Muttaqi) ने एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान भारत की जमकर सराहना की है। अफगान मंत्री ने दोनों देशों के ऐतिहासिक और भौगोलिक जुड़ाव को रेखांकित करते हुए यहां तक कह दिया कि "भारत और हमारा (अफगानिस्तान का) डीएनए एक है।" इस आत्मीय और मजबूत कूटनीतिक बयान के बाद क्षेत्रीय राजनीति में भूचाल आ गया है, और माना जा रहा है कि इस बयान से पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) के हुक्मरानों को सबसे ज्यादा मिर्ची लगने वाली है।

चाबहार पोर्ट से लेकर मानवीय मदद तक, भारत के रुख के मुरीद हुए अफगान मंत्री

अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और आर्थिक गलियारों की चर्चा करते हुए भारत द्वारा समय-समय पर दी गई मानवीय सहायता (Humanitarian Aid) की खुलकर तारीफ की।

  • मुश्किल वक्त का साथी: अफगान मंत्री ने याद दिलाया कि संकट के दौर में जब दुनिया ने अफगानिस्तान से मुंह मोड़ लिया था, तब भारत ने हजारों टन गेहूं, जीवन रक्षक दवाएं और चिकित्सा उपकरण भेजकर अफगान नागरिकों की मदद की थी।

  • रणनीतिक व्यापारिक रिश्ते: भारत द्वारा विकसित किए जा रहे ईरान के चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) के जरिए अफगानिस्तान को वैश्विक बाजार से जोड़ने के प्रयास की भी सराहना की गई। मुत्तकी ने साफ किया कि भारत हमेशा से इस क्षेत्र में एक सकारात्मक और निर्माणकारी भूमिका निभाता रहा है।

"हमारा डीएनए एक है"— क्यों इस बयान से तिलमिला उठा है पाकिस्तान?

राजनैतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अफगान मंत्री का यह बयान सीधे तौर पर इस्लामाबाद (पाकिस्तान) के लिए एक बड़ा झटका है। पिछले काफी समय से डूरंड लाइन (Durand Line) और टीटीपी (TTP) के मुद्दे पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। पाकिस्तान हमेशा खुद को अफगानिस्तान का सबसे बड़ा हितैषी दिखाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन अफगान नेतृत्व ने भारत को प्राथमिकता देकर पाकिस्तान की रणनीतिक गहराई (Strategic Depth) की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तानी यूजर्स इस बयान के बाद अपनी खीझ निकाल रहे हैं, जबकि भारतीय और अफगान नेटिजन्स इस ऐतिहासिक दोस्ती का जश्न मना रहे हैं।

नई दिल्ली और काबुल के बीच मजबूत हो रहे हैं कूटनीतिक संबंध

तालिबान प्रशासन के आने के बाद भी भारत ने अफगानिस्तान में अपने 'तकनीकी मिशन' (Technical Mission) को काबुल में सक्रिय रखा है। भारत का हमेशा से यह मानना रहा है कि उसकी दोस्ती अफगानिस्तान के आम लोगों से है। भारत ने वहां कई बांध, स्कूल और संसद भवन का निर्माण कराया है। अफगान मंत्री का यह ताजा बयान दिखाता है कि जमीन पर किए गए भारत के विकास कार्यों (Develo

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